सीतापुर। जिले में 2017 के बाद आधे फीसदी से भी कम 0.42 फीसदी हरियाली में वृद्धि हुई है। हालांकि जिस उम्मीद से हरियाली बढ़नी चाहिए, वह अभी नहीं हो सकी है। विभाग का दावा है कि इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विश्व पृथ्वी दिवस शुक्रवार को है। इस दिन पर्यावरण को संतुलन बनाए रखने के लिए पेड़ पौधे के रखरखाव व हरियाली बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी। समाज के लोगों से पेड़ पौधे अधिक से अधिक रोपित किए जाने का संकल्प भी दिलाया जाएगा।
जिले में पर्यावरण को लेकर बात की जाये तो आंकड़े लापरवाही की वजह से चौंकाते भी हैं। वन विभाग के मुताबिक पिछले पांच सालों की तुलना की जाए तो वर्ष 2022 में 2017 के मुकाबले महज आधा फीसदी से कम यानि 0.42 फीसदी ही हरियाली में वृद्धि हो सकी है। पिछले साल लगाए गये पौधे पेड़ की शक्ल में आ गए है। छांव बढ़ने से जहां लोगों को मदद मिल रही है। वहीं पर्यावरण को संतुलित करने में पेड़ पौधे काफी कारगार साबित हो रहे है।
पिछले साल जिले में 72.08 लाख पौधे रोपित किए गए। इन पौधों में फलदार, फूलदार, औषधि के पौधे शामिल थे। इन पौधों को वन विभाग, शिक्षा विभाग, नगरपालिका सहित तमाम विभागों ने मिलकर लगवाए थे। इन पौधों में करीब 20 फीसदी पौधे नष्ट हो चुके है। इनके नष्ट होने के पीछे का मुख्य कारण पौधों का सही तरीके से रखरखाव नहीं होना पाया गया है।
वन विभाग के मुताबिक पौधों को समय पर पानी नहीं मिल सका, कहीं पशुओं ने इसे चट कर दिया तो कहीं लोगों ने इन्हें उखाड़कर फेंक दिया। फिलहाल रोपे गए पौधों में करीब 80 फीसदी अब एक साल के हो गए है। इस साल भी हरियाली बढ़ाने के लिए भरसक प्रयास किए जाएंगे। वन विभाग ने वर्षाकाल में पौधे रोपित करने की तैयारी शुरू कर दी है। डीएफओ बृजमोहन शुक्ल ने बताया कि जिले में हरियाली प्रतिवर्ष बढ़ रही है। पिछले बरस लगाए गए पौधे करीब 80 फीसदी तक सुरक्षित बने हुए है। इस वर्ष भी वर्षाकाल में पौधे रोपित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
लोग भी करें रोपित पौधों की देखभाल
वन विभाग के मुताबिक जिले का कुल एरिया 5745 वर्ग किलोमीटर है। जिसमें 209 वर्ग किलोमीटर वन आच्छादित क्षेत्र है। जिले के कुल एरिया में करीब 80.35 फीसदी इलाके में हरियाली फैली हुई है। इस 80.35 फीसदी एरिया को इस बार बढ़ाने की प्लानिंग तैयार की जा रही है। जिले में अधिकतर समस्या यह है जिन स्थानों पर पौधे रोपित किए जाते है वहां पर सही तरीके से देखरेख नहीं हो पाती है।
इसकी वजह से पौधे नष्ट हो जाते है। वन विभाग का कहना है पूरे जिले के पौधे की देखरेख वन विभाग को करना थोड़ा मुश्किल है। ऐसे में जिस विभाग द्वारा पौधे रोपित किए जाते है। वह विभाग ही उन पौधों की देखभाल करेगा। साथ ही लोगों से अपील है कि वह भी इन पौधों को सुरक्षित रखने में अपना सहयोग दें। हरियाली को बढ़ाने में एक कदम आगे बढ़ाए।