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घर-घर में बुखार, अस्पतालों में लंबी हुई कतार

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जिला अस्पताल में पर्चा खिड़की पर लाइन में लगे लोग। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले में वायरल फीवर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार का कहर जारी है। हालात ये हैं कि जिले का शायद ही ऐसा कोई घर होगा, जो बुखार की जद में न हो। घर-घर बुखार का कहर है और परिवार के परिवार बीमार हैं। यही वजह है कि जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी में मरीजों की कतारें और लंबी हो गई हैं।
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अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। बुधवार को भी बुखार से एक किशोर की मौत हो गई। मलेरिया के दो और रोगी पाए गए हैं। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बुधवार को बुखार से तप रहे सात और बच्चों को भर्ती कराया गया है। संक्रामक रोगों से हालात दिन पर दिन बेकाबू होते जा रहे हैं और स्वास्थ्य सुविधाएं बौनी साबित हो रही हैं।
बुखार के बढ़ते प्रकोप के बीच बुधवार को अमर उजाला की टीम ने जिला अस्पताल से लेकर जिले की कई सीएचसी में पहुंचकर पड़ताल की तो हालात चिंताजनक नजर आए। अस्पतालों में पर्चा काउंटर से लेकर दवा काउंटर, ओपीडी में मरीजों की लग रही लंबी लाइनें माथे पर सिकन ला दे रही है। लोग परेशान हैं। बुखार से तप रहे हैं। संजीवनी के लिए लाइन में लगकर जद्दोजहद कर रहे हैं। विशेषज्ञों की माने तो पिछले एक सप्ताह से हालात अधिक बेकाबू हुए हैं।
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मिश्रिख ब्लॉक के महमदपुर निवासी कल्लू (17) की तबीयत कई दिनों खराब थी। उसे तेज बुखार आ रहा था। जुकाम और खांसी की भी समस्या थी। मंगलवार की रात हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर मिश्रिख सीएचसी पहुंचे, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि कई दिनों से बुखार आ रहा था।
ओपीडी का हाल : 20 मिनट बाद आ रहा था नंबर, मरीज बेहाल
जिला अस्पताल में अमर उजाला की टीम दोपहर 12:10 बजे पहुंची। बड़ी मुश्किल में अस्पताल गेट को पार कर टीम अंदर दाखिल हुई। पूरा अस्पताल परिसर मरीजों से फुल था। पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी और दवा काउंटर पर रोगियों की लंबी लाइनें लगी थी। लाइन में लगा हर मरीज बस जल्दी से डॉक्टर को दिखाने के लिए परेशान था। नंबर आते ही वह डॉक्टर से अपनी समस्या बता रहा था। डॉक्टर बीमारी पूछकर पर्चे पर दवा लिखकर जल्द ठीक होने का आश्वासन दे रहे थे।
मरीजों की लाइन इतनी लंबी लगी थी कि 15 से 20 मिनट बाद दूसरे मरीज का नंबर आ रहा था। कई गंभीर मरीज थे, जिनकी सांस फूल रही थी। खड़े होना उनके लिए मुश्किल था। रामकोट के कनवाखेड़ा से आए खुशीराम, गंगापुर से गुड्डू, पीतपुर से गंगाराम समेत लहरपुर, महोली, मिश्रिख, बिसवां, खैराबाद, हरगांव इलाके के मरीजों का कहना था कि वह काफी देर से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन भीड़ अधिक होने से नंबर ही नहीं आ रहा है। डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने के बाद ही जाऊंगा। खड़े होने में परेशानी हो रही है।
सीएचसी में भी भीड़, दोगुना तो कहीं चार गुना पहुंचे मरीज
मछरेहटा संवाद के अनुसार, बुधवार को सीएचसी पर 300 मरीज आए थे। अधिकतर वायरल फीवर के थे। डॉ. कमलेश ने बताया कि बुखार के मरीज बढ़े हैं। बच्चों की संख्या ज्यादा है। खैराबाद संवाद के अनुसार, सीएचसी खैराबाद सीएचसी की ओपीडी के दो माह का रिकार्ड यह बताता है कि सितंबर में चार गुना मरीजों की संख्या बढ़ी है। सबसे अधिक बच्चों की संख्या बताई जा रही है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. रमांशकर यादव बताते हैं कि हर माह करीब 100 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में आते थे। अब करीब 250 से 300 मरीज आ रहे हैं। तंबौर संवाद के अनुसार, सीएचसी में बुधवार को आए 92 मरीजों में अधिकतर वायरल फीवर के थे। डॉ. कमाल हसन ने बताया कि मरीज बढ़े हैं।
महमूदाबाद संवाद के अनुसार, डॉ. दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को 361 मरीज ओपीडी में आए थे। अधिकतर मरीज जुुकाम, बुखार से पीड़ित थे। मानपुर संवाद के अनुसार, सरैंया शानी अस्पताल के फार्मासिस्ट अनूप कुमार ने बताया मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। पिसावां संवाद के अनुसार, सीएचसी पर एक सप्ताह पहले 100 मरीज आ रहे थे।
बुधवार को आंकड़ा 150 के पार हो गया था। बिसवां संवाद के अनुसार, बुखार का प्रकोप बढ़ने के बाद मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पहले 100 मरीज आते थे। अब दोगुनी संख्या हो गई है। हरगांव संवाद के अनुसार, बुधवार को 203 मरीज ओपीडी में आए थे, इसमें 73 मरीज बुखार से पीड़ित थे।
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