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महोली विधायक के बिगड़े बोल,कहा-गरीब का घर गिरा दिया, एसडीएम को जूतों से मारूंगा

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महोली में मौके पर उच्चाधिकारियों से दूरभाष के जरिए वार्ता करते विधायक शशांक त्रिवेदी। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
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महोली (सीतापुर)। करीब पांच दिन पूर्व महोली तहसील क्षेत्र के एक गांव में सचिवालय के निर्माण में बाधा बन रहे मकान को गिराने के मामले ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया है। मकान गिरने की सूचना पर पहुंचे महोली विधायक ने मौजूद लोगों के सामने कोतवाल से फोन पर बात कर एफआईआर दर्ज कराने और एसडीएम को जूता मारने की बात कही। बुधवार को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विधायक, कोतवाल से फोन पर बात करते हुए कहते हैं कि आप एफआईआर लिखिए। एसडीएम के इतने दिमाग खराब हो गए हैं कि... वह गरीबों का घर गिराएंगे। जूतों से मारेंगे। आज इनको सही कर देंगे। अपना पैसा कमा रहे हैं। बड़े आदमी इनको नहीं दिखते हैं।
एसडीएम के खिलाफ एफआईआर लिखानी है। मैं थाने आ रहा हूं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह इस तरह की बात कहते साफ सुने जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले को खूब उछाल रहे हैं। कोई विधायक के इस वायरल वीडियो को सही तो गलत की वकालत कर रहा है।
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यह था मामला
तहसील महोली के पकरिया पांडेय गांव में सचिवालय के निर्माण में बाधा बन रहे मकान को बीते शुक्रवार को महोली एसडीएम पंकज प्रकाश राठौर ने बिना नोटिस के गिरवा दिया। शनिवार को विधायक शशांक त्रिवेदी को मामले की जानकारी हुई। वह पकरिया पांडेय गांव पहुंचे। मकान मालिक अनुज मिश्रा से प्रकरण की जानकारी ली।
क्षेत्रीय लेखपाल से फोन के जरिये मालूम किया कि किस गाटा संख्या का प्रस्ताव हुआ है। लेखपाल ने बताया कि 83 गाटा संख्या का प्रस्ताव हुआ है। इसमें अनुज ने पसवाड़ा बना रखा है। कई बार कहने के बाद भी हटाया नहीं गया। इसको लेकर कार्रवाई की गई।
प्रधान पर भी भड़के विधायक
शनिवार को गांव पहुंचे विधायक ने प्रधान को जमकर लताड़ लगाते हुए कहा कि गांव की गरीब जनता को भगाना चाहते हो क्या। इसीलिए जनता ने तुम्हें चुना है... गुस्साए विधायक ने उच्चाधिकारियों से बातचीत कर आपने सामने ही मकान का दोबारा निर्माण शुरू करवा दिया। करीब छह घंटे तक मौके पर डटे रहे। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों व कर्मचारियों ने अनुज का मकान गिरवाया है, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रधान लालजी ने बताया कि हमें जमीन की जानकारी नहीं है। मेरी जानकारी में कोई प्रस्ताव नहीं हुआ है।
गुस्से में विधायक अगर कुछ कह गए हैं तो इसका हमें कोई मलाल नहीं है। वह जनता के प्रतिनिधि हैं। मेरा उनसे कोई विवाद नहीं है।
- पंकज प्रकाश राठौर, एसडीएम महोली
गरीब की देखी नहीं गई परेशानी : शशांक त्रिवेदी
महोली विधायक शशांक त्रिवेदी ने बताया कि कन्हैयालाल बुजुर्ग व्यक्ति हैं। उनकी करीब 60-65 साल उम्र है। उनके गाटा संख्या 84 पर एक दीवार खड़ी थी। 25 साल से वे रह रहे हैं। एक तरह दीवार पर पॉलिथिन, एक तरफ टीन और उसके चारों तरफ अरहर की लकड़ी लगाकर रहते थे। उसमें बुजुर्ग अपनी पत्नी, उसका दिव्यांग बेटा, एक बेटा और उसकी पत्नी, तीन छोटे बच्चे रहते हैं। एसडीएम ने वहां पर पंचायत घर बनवाने का प्रस्ताव करवाया। प्रस्ताव 83 नंबर गाटा संख्या पर हुआ।
एसडीएम उसके नंबर को गिरवाने का दबाव बनाते रहे। उसने मना किया, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। सूचना मिलने पर वहां जाकर देखा तो पता चला कि पूरे परिवार ने शाम से खाना नहीं खाया। पूरा गांव उसके पक्ष में है। उसकी परेशानी मुझसे देखी नहीं गई और मैंने बैठकर 84 पर दीवार बनवा दी। यह देखकर मन काफी दुखी हुआ तो कोतवाल को फोन कर एसडीएम के खिलाफ एफआईआर लिखाने की बात कही। गरीब का घर कैसे गिरा दिया। बस, इसी बात को लेकर थोड़ा ज्यादा भावुक हो गया।
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