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दिल्ली और लखनऊ रूट की बसों का संकट, यात्री परेशान

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रोडवेज बस स्टैंड पर यात्री प्रतीक्षालय में फुल रही सीटे। -संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। रोडवेज बस स्टॉप पर बसों का संकट आए दिन खड़ा हो जा रहा है। इसका खामियाजा जल्दी ही मंजिल पर पहुंचने के मकसद से बस अड्डे पर पहुंचने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को एक बार फिर बसों का टोटा बस स्टॉप पर नजर आया। लखनऊ और दिल्ली रूट के लिए बसें नहीं थी, इससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। आधा घंटा बाद बड़ी मुश्किल से बस मिल पा रही थी।
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सोमवार दोपहर के 2:30 बजे के करीब अमर उजाला की टीम बस स्टॉप पर पहुंची, जहां पर यात्रियों की भारी भीड़ नजर आ रही थी। लोग बस के इंतजार में खड़े और बैठे थे। पूछने पर यात्री शायरा, विपिन, संदीप आदि ने बताया कि दिल्ली और लखनऊ रूट की बसें काफी देर से नहीं आ रही हैं। हम लोग एक घंटे से अधिक समय से बस स्टॉप पर खड़े हैं, लेकिन बस आई ही नहीं है। पूछताछ केंद्र से भी सही जवाब नहीं मिला।
यात्री बातचीत कर ही रहे थे, इसी बीच दिल्ली रूट की बस परिसर में आती है। उसके खड़े होते ही यात्री बस को घेर लेते हैं। देखते ही देखते पूरी बस फुल हो चुकी थी। अब समस्या लखनऊ रूट पर जाने वाले मुसाफिरों के सामने थी। वह भी काफी देर बस के इंतजार में थे। बस के आते ही सभी यात्री सवार हुए। पूरी बस फुल हो चुकी थी। सीट ही नहीं बची थी।
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ऐसे में कई यात्री बस के नीचे उतरकर खड़े हो गए और दूसरी बस का इंतजार करने लगे। दोपहर से शाम तक बस स्टॉप पर बसों के संकट से यात्री जूझते नजर आए, वह परेशान रहे। जबकि जिम्मेदार बसों की किल्लत से इंकार कर रहे हैं। एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि बस स्टॉप पर बसों की दिक्कत की हमें जानकारी नहीं है। इस तरह की कोई समस्या नहीं थी, हो सकता है दिल्ली रूट से आने वाली बसें कटरा में जाम में फंस गई हों।
प्रतीक्षालय में टूूटी बेंच, जमीन पर गंदगी पर बैठने को मजबूर यात्री
रोडवेज बस स्टॉप का हाल बुरा है। बसों के संकट के साथ ही यात्रियों को बेहतर सुवधिाएं भी मयस्सर नहीं हो पा रही हैं। सोमवार को बसों की समस्या होने की वजह यात्री प्रतीक्षालय में मुसाफिरों की भीड़ बढ़ गई थी।
ऐसे में बैठने तक की जगह नहीं थी। प्रतीक्षालय में पड़ी सीट पर कुछ यात्री बैठे थे। वहीं यहां पर पड़ी लोहे की सीटें जर्जर होकर टूट चुकी हैं। ऐसे में कई यात्री महिलाएं, पुरुष जमीन में गंदगी के पास बैठने को मजबूर थे। पूछने पर बताया कि जगह ही नहीं प्रतीक्षालय में बैठने की। मजबूरी में जमीन पर बैठे हैं।
न मास्क, न सोशल डिस्टेसिंग
बस स्टॉप पर कोविड प्रोटोकाल का दूर तक पालन होता नहीं दिख रहा है। यात्री एक-दूसरे से सटकर बैठे थे। न सोशल डिस्टेसिंग दिख रही थी और न ही यात्रियों ने मास्क लगा रखा था। ऐसे में यह लापरवाही कोरोना के संक्रमण को बढ़ावा दे सकती है। यह हाल तब है, तब कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर अलर्ट जारी है। इसके बाद भी लापरवाही जारी है।
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