सीतापुर। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर चिता बढ़ा दी है। जिले में भले ही कोई सक्रिय केस न आया हो, लेकिन सतर्कता जरूरी है। मास्क की अनिवार्यता समाप्त करने के बाद अब लोग कोरोना से बेफ्रिक हो गए है। वह न तो मास्क लगा रहे है न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे है। सार्वजनिक स्थानों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे है। आम लोगों की यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
इस समय देश में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। चिकित्सकों ने जून में चौथी लहर की आशंका जताई है। इस पर स्वास्थ्य महकमे ने भी लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है। इसके बावजूद लोग इसे हल्के में ले रहे है। कोरोना की लहर कम होने के चलते शासन ने मास्क की अनिवार्यता समाप्त भले ही कर दी हो, लेकिन कोरोना से सतर्क रहना बहुत जरूरी है।
अमर उजाला टीम ने गुुुरुवार को शहर के सार्वजनिक स्थानों की रियलटी परखी तो हर जगह लोग बेफ्रिक दिखाई दिए। कोरोना को लेकर वह न तो मास्क लगाए हुए थे, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे। आम लोगों की यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
अस्पताल में भी अनदेखी
जिला अस्पताल में पर्चा काउंटर के सामने कुछ मरीज व तीमारदार बैठे बातचीत कर रहे थे। इस दौरान वह न तो मास्क लगाए थे, न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे। अस्पताल की तरफ से मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था, लेकिन कोई भी मरीज इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा था।
बाजार में भी लापरवाही
शहर की लालबाग बाजार में तमाम लोग खरीदारी करने में जुटे हुए थे। वह अपने साथ बच्चों को भी बाजार लाए थे। इस दौरान वह न तो खुद मास्क लगाए थे न ही बच्चों को मास्क लगाए नजर आए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं कर रहे थे।
बिना मास्क के कर रहे सफर
रोडवेज बस स्टॉप पर तमाम मुसाफिर खड़े थे। कोई बस का इंतजार कर रहा था तो कोई ड्राइवर से जानकारी ले रहा था। बस स्टॉप से लेकर बस के अंदर तक कोरोना प्रोटोकॉल का कोई पालन होते नहीं दिखाई दिया। हर तरफ लोग बिना मॉस्क के ही चल रहे थे।
सतर्कता जरूरी
कोरोना के मामले दिल्ली व गाजियाबाद में तेजी से बढ़ रहे है। इसलिए सतर्कता बहुत जरूरी है। जब भी घर से बाहर निकले तो मॉस्क जरूर लगाएं। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।
- डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ