खाद की किल्लत से समितियों पर अफरातफरी का माहौल
महंगे कीमत पर यूरिया खरीदने के लिए किसान मजबूर
परसा(सिद्धार्थनगर)। गेहूं की फसल की सिंचाई कर खेत में यूरिया खाद डालने के लिए किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। सहकारी समितियों पर सुबह से कतार लगाकर खड़ा रहने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सरकारी केंद्रों पर खाद की किल्लत से परेशान किसान खुले बाजार में महंगे कीमत पर यूरिया खरीदने को मजबूर हैं।
बढ़नी ब्लॉक के परसा क्षेत्र स्थित सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं होने के कारण किसानों को सांसत झेलनी पड़ रही है। गेहूं की सिंचाई के बाद यूरिया की जरूरत होती है, लेकिन समितियों पर खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि अधिकतर समितियों पर यूरिया नहीं बांटा गया। क्षेत्र के विभिन्न बाजार में स्थित खाद की दुकानों पर खुलेआम 400 से 550 रुपये तक यूरिया प्रति बोरी बेचा जा रहा है।
किसान रामभरत, देवीदीन और हरिश्चंद्र का का आरोप है कि यूरिया खाद की किल्लत के चलते शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बाजार में स्थित निजी दुकानदार मनमानी दर से खाद की बिक्री कर रहे हैं। क्षेत्र में यूरिया खाद को लेकर जबरदस्त मारामारी मची हुई है। किसानों ने बताया कि पहले फसल बिक्री के लिए साधन सहकारी समितियों व अधिकारियों के चक्कर काटना पड़ा, फिर गेहूं की बुआई व सिंचाई के बाद यूरिया के लिए भटकना पड़ रहा है।
किसान प्रतिदिन 10 से 15 किमी की दूरी तय कर दुकानों पर आते हैं और शाम को खाली हाथ घर चले जाते हैं। बढ़नी ब्लॉक के औदही कलां स्थित साधन सहकारी समिति पर अब तक यूरिया नहीं आया है। किसानों ने जिलाधिकारी से यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराने व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि जिले में उपलब्ध यूरिया खाद सहकारी समितियों पर भिजवाया जा रहा है, जहां खाद की कमी की जानकारी मिल रही है, वहां पर खाद पहुंचा कर किसानों में वितरित कराया जा रहा है।