पिटाई का वीडियो वायरल होने के मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक को मारने वाली महिला शिक्षामित्र का मानदेय रोककर सेवा समाप्ति का नोटिस थमा दिया गया है। मामले से जुड़े खुनियांव ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय अगरदीडीह के प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज यादव और सहायक अध्यापक तेजपाल सिंह को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया।
प्रधानाध्यापक पर विभाग की छवि धूमिल करने और सहायक अध्यापक पर मारपीट करने, विभाग की छवि बिगाड़ने और अनुशासनहीनता के आरोप हैं। बीईओ की रिपोर्ट पर बीएसए राजेंद्र सिंह ने उक्त कार्रवाई की है। मामले की विभागीय जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, अगरदीडीह के प्राथमिक विद्यालय में महिला शिक्षामित्र ने प्रभारी प्रधानाध्यापक की चप्पल से पिटाई की थी। इसका वीडियो बृहस्पतिवार को वायरल हो गया। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) खुनियांव ने मामले का स्वत: संज्ञान लेकर जांच की और रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को भेज दी। बीईओ की जांच रिपोर्ट के अनुसार, सहायक अध्यापक तेजपाल सिंह ने मारपीट का वीडियो बनाकर वायरल किया था। इसके अलावा प्रभारी प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट, सहकर्मियों एवं उच्चधिकारियों से अभद्र व्यवहार करना और उपस्थित पंजिका पर फर्जी हस्ताक्षर करने का भी आरोप है। वहीं, प्रभारी प्रधानाध्यापक पर महिला शिक्षामित्र ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिक्षामित्र का मानदेय रोकने के साथ ही साथ ही बीईओ के माध्यम से उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए निर्देशित किया है।
बीएसए राजेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानाध्यापक की पिटाई के मामले में शिक्षामित्र ने छेड़खानी का आरोप लगाया है। प्रधानाध्यापक और शिक्षक को निलंबित किया गया है, जबकि शिक्षामित्र को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है। विभागीय जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
जांच समिति में ये शामिल
पिटाई मामले की विभागीय जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। उसमें अनिल मिश्र खंड शिक्षा अधिकारी बर्डपुर, धीरेंद्र कुमार त्रिपाठी खंड शिक्षा अधिकारी मिठवाल, विजय आनंद खंड शिक्षा अधिकारी जोगिया को शामिल किया गया है। इनकी जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।