फसल अवशेष प्रबंधन के लिए बच्चों को किया जागरूक
भनवापुर। फसल अवशेष प्रबंधन जागरूकता अभियान के तहत विकास विद्यालय सोहना में बुधवार को प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें पेंटिंग, निबंध और प्रश्नोत्तरी परीक्षा में 150 बच्चों ने हिस्सा लिया। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि बच्चों को इस बात की समझने की जरूरत है कि उनके गांव, घर या आसपास के लोग धान की फसल की कटाई के बाद बचे हुए अवशेष को न जलाएं। यदि कोई जला रहा है तो उसे समझाएं कि फसल अवशेष जलाने से मृदा, पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है। डॉ. डीपी सिंह ने बच्चों को जागरूक करते हुए बताया कि फसलों की कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेष को कंपोस्ट की खाद बनाने में उपयोग करके मृदा स्वास्थ्य में वृद्धि की जा सकती है।
कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह ने बच्चों को जागरूक किया कि आज के समय में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए नई-नई वैज्ञानिक विधियां निकाली गई हैं। उसकी जानकारी रखते हुए विद्यार्थी अपने समाज में ज्ञान का प्रसार करके बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विकास विद्यालय सोहना में आयोजित प्रतियोगी परीक्षा पेंटिंग में लक्ष्मी भारती प्रथम स्थान, खुशी गौड़ द्वितीय स्थान और दीपशिखा तृतीय स्थान प्राप्त किया।
निबंध में सरगम यादव प्रथम स्थान, अजय कुमार विश्वकर्मा द्वितीय स्थान, हरिओम यादव तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी परीक्षा में जाविद प्रथम स्थान, चंदन गौतम द्वितीय स्थान और पंकज भारती ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रधानाचार्य समसुद्दीन खान और डॉ. ओम प्रकाश ने सफल विद्यार्थियों को मेडल और प्रमाण पत्र वितरित कर सभी बच्चों को उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए जागरूक किया। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के डॉ. एसके मिश्र, मौसम विशेषज्ञ सूर्य प्रकाश सिंह, दीप नारायण सिंह, जयप्रकाश द्विवेदी, प्रेम चौरसिया आदि मौजूद रहे।