संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर शुक्रवार को दो स्थानों पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। यहां रक्तदान कर 20 लोग महादानी बने। विवि परिसर में अमर उजाला फाउंडेशन व सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के तत्वावधान में शिविर का आयोजन हुआ। जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में अमर उजाला फाउंडेशन व जिला अस्पताल के तत्वावधान में कैंप लगा। इस अवसर पर सभी रक्तदाताओं को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव और जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने शिविर का शुभारंभ किया। विवि के शिविर में अभिभावक तारिक अहमद ने भी रक्तदान किया। इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में संगोष्ठी भी हुई। ब्लड बैंक में पहले रक्तदाता बलराम यादव को सीएमएस और अन्य को ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
छात्र-छात्राओं में दिखा रक्तदान के प्रति उत्साह
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में आयोजित रक्तदान शिविर में छात्र-छात्राओं में रक्तदान के प्रति उत्साह दिखा है। यहां 13 लोगों रक्तदान किया। अन्य ने पंजीकरण कराया और कहा कि जरूरत पड़ने पर ब्लड बैंक से फोन आने पर जिला अस्पताल में पहुंचकर रक्तदान करेंगे।
इन्होंने किया रक्तदान
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में तारिक अहमद, आदर्श जायसवाल, अनुराग पाठक, आदित्य वर्मा, दिलीप मौर्या, जतिन मिश्रा, प्रेमचंद यादव, अटल बिहारी चौधरी, नूूरसबा खातून, क्षमाकर पाठक, कलीमुल्लाह, विवेक गुप्ता और संयुक्त जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में बलराम यादव, कृष्ण कुमार, संजय कुमार गुप्ता, जितेंद्र, अरविंद अग्रहरि, अरुण कुमार व इंद्रजीत चौधरी ने रक्तदान किया।
विद्यार्थियों के परिचय पत्र पर दर्ज होगा रक्त का समूह
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में रक्तदान शिविर के साथ ही संगोष्ठी का भी आयोजन हुआ। इस अवसर पर कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि सफल व्यक्ति होने के साथ-साथ हमें अच्छा इंसान भी होना चाहिए। रक्तदान के प्रति आपके मन में जुनून होना चाहिए, जब तक जुनून नहीं होगा, तब तक अपना और अपने देश के हित में काम नहीं कर सकते हैं। विवि के सभी छात्र-छात्राओं के पहचान पत्र पर उनके रक्त का समूह दर्ज होगा। इससे जरूरतमंद के लिए रक्तदान करने में सुविधा होगी। कुल सचिव राकेश कुमार ने कहा कि एक व्यक्ति साल में चार बार रक्तदान कर सकता है, युवाओं को कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। कुलानुशासक एवं वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक मिश्रा ने कहा कि रक्तदान हमारी आदत में शामिल होना चाहिए। विश्वविद्यालय में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। सीएचसी बर्डपुर के प्रभारी डॉ. सुबोध चंद्रा ने कहा कि रक्तदान से हम दूसरों की जान बचाते हैं। इससे हार्ट अटैक का जोखिम भी कम हो जाता है। पैथोलॉजिस्ट डॉ. अबरार अली ने रक्तदान के विषय में छात्र-छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाएं शांत की। लैब टेक्नीशियन उमेश पांडेय ने कहा कि कई बार एक मरीज के लिए 20 लोग रक्तदान करने पहुंचते हैं और उनमें किसी का रक्त ग्रुप मरीज से मैच नहीं हो पाता है। 41 बार रक्तदान कर चुके बृजेश चौबे ने छात्र-छात्राओं को रक्तदान के सुखद अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि रक्तदान से शरीर की महत्वपूूर्ण जांचे निशुल्क हो जाती हैं। इस मौके पर कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव ने उन्हें सम्मानित भी किया। समारोह में राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी डॉ. दिनेश प्रसाद, अतिथि शिक्षक ज्ञानेंद्र विक्रम शाह एवं प्रियंका यादव, डॉ. संदीप गुप्ता एवं डॉ. मनोज कुमार मौजूद थे। ब्लड बैंक की काउंसलर डॉ. अनीता एवं लैब टेक्नीशियन आंचल श्रीवास्तव ने रक्त संग्रह किया।