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डेंगू का कहर रोकने में जुटी टीम

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डेंगू का कहर रोकने में जुटी टीम
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बाढ़ और बारिश के मौसम में बढ़ जाता है डेंगू का खतरा
उचित इलाज नहीं होने पर जान जोखिम में पड़ जाती है
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बाढ़ प्रभावित जिले में डेंगू का कहर रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम जुट गई है। मलेरिया इंसपेक्टर प्रभावित क्षेत्रों में जा रहे हैं और सैंपल लेने के साथ लार्वा मारने का कार्य भी कर रहे हैं। क्योंकि बरसात में डेंगू बुखार फैलने का जोखिम बढ़ जाता है। जिला अस्पताल एवं सीएचसी, पीएचसी में डेंगू के इलाज के लिए मुकम्मल इंतजाम किया गया है।
मलेरिया विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्ष 2014 में डेंगू के सर्वाधिक मरीज मिले थे। इस कारण वर्ष इस वर्ष अधिकारियों ने डेंगू की रोकथाम की तैयारी तेज कर दी है। डेंगू के इलाज के लिए अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयों के साथ ब्लड बैंक को भी सतर्क किया गया है ताकि जरूरत पर डेंगू के मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने में मुश्किलों का सामना न करना पड़े।
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जिले में स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में वायरल बुखार के 4165 मरीज मिले हैं लेकिन गनीमत है कि इनमें डेंगू का केस भी नहीं मिला है। पिछले वर्ष डेंगू के केस आ रहे थे। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि डेंगू का संक्रमण शुरू होने पर मुसीबत बढ़ जाएगी।
जिला मलेरिया अधिकारी सुनील चौधरी ने बताया कि बरसात के मौसम में मलेरिया विभाग की टीम घर-घर सर्वे कर रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि छाया में रखे हुए ऐसे सामान या बर्तन जिसमें पानी भरा हो, उसे हटा दें। डेंगू का मच्छर साफ पानी में फैलता है। यह मच्छर खतरनाक है, इसका लार्वा तीन साल बाद भी पनपकर मच्छर का आकार ले सकता है।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार के साथ बदन दर्द
ब्लड प्रेशर कम होना
जोड़ों में दर्द बेचैनी
पेशाब के रास्ते और जबड़ों में खून आना
खून की जांच में प्लेटलेट्स और टोटल ल्यूकोपीनिया कम होना
वर्ष डेंगू मलेरिया
2018- 03-124
2019 -12- 189
2020 -14 - 54
2021 -0- 40
अस्पतालों में डेंगू के बेड सुरक्षित
महामारी रोग विशेषज्ञ (एपिडोमोलॉजिस्ट) समीर सिंह ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एलाइजा किट उपलब्ध करा दिया गया, जबकि जिला अस्पताल में रैपिड डाइग्नोस्टिक जांच किट उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति डेंगू बीमारी होने के संदेह पर अस्पताल पहुंच कर जांच करा सकता है। इसके अलावा डेंगू मरीजों के लिए संयुक्त जिला अस्पताल में 10 बेड के वार्ड बनाए गए हैं।
2020 में डेंगू के मिले थे सर्वाधिक मरीज
डेंगू के एक भी मरीज नहीं पाए गए हैं। डेंगू के सर्वाधिक 14 मरीज वर्ष 2020 में मिले थे, इनमें 10 बढ़नी नगर पंचायत के एक वार्ड के एक ही परिवार के सदस्य शामिल थे। वर्ष 2017 में 10, वर्ष 2018 में तीन, वर्ष 2019 में 12 मरीज डेंगू के मिले थे। जिले में वर्ष 2021 में डेंगू का कोई केस नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग की टीम डेंगू को रोकने में जुटी है।
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वर्जन-
जिले में वर्ष 2020 में डेंगू बुखार के 14 मरीज मिले थे। इसके मच्छर बढ़ने पर मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। डेंगू के इलाज की पूरी व्यवस्था है। लोगों को चाहिए कि डेंगू की रोकथाम के उपाय खुद भी करें। साफ-सफाई रखें और घर के आसपास पानी न जमा होने दें। डेंगू बुखार के लक्षण हो तो अस्पताल में जाएं।
-डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
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