मेडिलक कालेज एमसीएच बिंग स्थित ओपीडी में बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी देते डॉ. विपिन सिंह। सं
सिद्धार्थनगर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी, जबकि रात में नरमी के कारण सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से यह स्थिति बनी हुई है। बच्चे हों या बुजुर्ग, सभी उम्र के लोग इन समस्याओं से परेशान हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बाल रोग और मेडिसिन विभाग में ऐसे मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मौसम में बदलाव के कारण लोगों को नाक बहने, छींक आने, गले में खराश, खांसी और बुखार की शिकायत हो रही है।
कई लोग पहले मेडिकल स्टोर से दवा ले रहे हैं, लेकिन आराम नहीं मिलने पर अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है। सुबह-शाम ठंड से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बिना चिकित्सकीय सलाह दवा लेने से बचने की जरूरत है।
बाल रोग और मेडिसिन विभाग में बढ़े मरीज : माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बढ़ती संख्या का असर ओपीडी में दिख रहा है। मंगलवार को बाल रोग विभाग में दोपहर करीब 12:30 बजे तक 90 से अधिक मरीज पहुंच चुके थे। इनमें कई बच्चे सर्दी, खांसी, गले में खराश और बुखार से पीड़ित थे।
बच्चों के साथ आए अभिभावक उनकी बिगड़ती तबीयत को लेकर परेशान दिखे। डॉक्टर जांच के बाद दवाएं लिखने के साथ ही बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे थे। उसका निवासी मैना अपने छह साल के बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि बच्चा विद्यालय से लौटने के बाद उसकी आंखें चढ़ने लगीं और कुछ घंटे बाद छींक आने लगी।