जिले के 148 गांव बाढ़ से प्रभावित, लोगों की मुसीबत बढ़ी
सिद्धार्थनगर। जिले में बाढ़ का दायरा बढ़ता जा रहा है। राप्ती का जलस्तर खतरे का लाल निशान करने के बाद पांचवें दिन भी बढ़ता गया। वहीं बूढ़ी राप्ती नदी घटने के बाद भी लगातार नौवें दिन भी खतरे के लाल निशान ऊपर बनी हुई है। प्रशासन की तरफ से रविवार को नौगढ़ तहसील के 47 गांव बाढ़ प्रभावित होने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई, जिसके बाद अब जनपद में 148 गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं।
एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि बाढ़ बचाव एवं सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं और बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा। तेजी से बढ़ रहे राप्ती और कई दिनों से लाल निशान से ऊपर बह रही बूढ़ी राप्ती नदी का पानी जिले में कई इलाकों में पहुंच गया है। राप्ती नदी ने डुमरियागंज और बांसी तहसीलों में सबसे ज्यादा गांवों को प्रभावित किया है। बूढ़ी राप्ती से नौगढ़ समेत शोहरतगढ़ तहसील के कई गांवों में बाढ़ आई है। पानी से घिरे होने के कारण कुछ गांव लोग सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं तो कुछ गांव के लोग घर में ही सिमट कर रह गए हैं। इन गांवों का बाहर से संपर्क कट गया है, जिससे वहां के लोगों को सांसत झेलनी पड़ रही है।
प्रशासन ने शनिवार को नौगढ़ तहसील के 20 गांवों के बाढ़ प्रभावित होने की रिपोर्ट शासन को भेजी थी, वहीं रविवार को नौगढ़ तहसील के ही 47 गांव बाढ़ प्रभावित होने की रिपोर्ट भेजी है। इसके साथ ही अब नौगढ़ तहसील में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 67 हो गई है। जबकि शोहरतगढ़ के पांच, बांसी के तीन, इटवा के छह और डुमरियागंज के 67 गांवों को बाढ़ प्रभावित होने की रिपोर्ट शनिवार को ही भेजी जा चुकी है। जिला प्रशासन ने रविवार को नौगढ़, शोहरतगढ़ और डुमरियागंज के बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत एवं खाद्य सामग्री का वितरण किया।