श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय में बुधवार को डीएम ने जनसुनवाई, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, तहसील व थाना दिवस में आने वाली शिकायतों व उसके निस्तारण की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सुबह 10 से 11 बजे तक जनसुनवाई करने व शिकायतों का मौके पर जाकर निस्तारण करने का निर्देश दिया। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कहा कि जनशिकायतों का त्वरित निस्तारण करना शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने कार्यालय में सभी कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से 11 बजे तक स्वयं उपस्थित रहकर जनसुनवाई करें। साथ ही प्राप्त शिकायतों व समस्याओं का मौके पर जाकर निस्तारण करें। जनशिकायतों पर मात्र आदेश देने की औपचारिकता न करके सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि यदि किसी प्रार्थी की समस्या ज्यादा समय से लंबित है, तो दूरभाष पर राजस्व व पुलिस अधिकारियों को निर्देशित कर प्राप्त समस्याओं का निस्तारण कराएं। भूमि संबंधी विवाद में उपजिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी यदि आवश्यक हो तो राजस्व व पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करें। जिससे कि समस्या का स्थायी रूप से निराकरण हो सके।
जनसुनवाई के समय अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों की यदि भ्रष्टाचार आदि की शिकायतें प्राप्त होती है, तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। ताकि मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को शक्ति के साथ लागू किया जा सके। जनसुनवाई के दौरान जनप्रतिनिधियों से प्राप्त समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण किया जाए। सरकारी सीयूजी नंबर पर अधिकारी स्वयं उत्तर दें एवं जनप्रतिनिधियों से दूरभाष पर भी संपर्क में रहें। जिससे जिले में समन्वित रूप से समस्याओं निस्तारण हो सके। आईजीआरएस प्रणाली में यह देखने में आया है कि कई विभागों में लंबे समय से शिकायतों का निस्तारण नही किया गया है। उनका निस्तारण में रैंक न्यूनतम स्तर पर है। ऐसे अधिकारियों से अपेक्षा है कि वह नियमित रूप से आईजीआरएस, सीएम हेल्प लाइन, संपूर्ण समाधान दिवस व थाना समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करें। जिस ब्लाक, तहसील या थाना में अधिकतम निस्तारण लम्बित होगी, उनके संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।