रावतारा जंगल में बनी मजार जिसका हो रहा विस्तार
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श्रावस्ती। भिनगा जंगल के रावतारा स्थित वन भूमि पर धर्मस्थल का निर्माण किया जा रहा है। जहां धीरे धीरे उसे आकार प्रदान किया जा रहा है। जंगल में गश्त पर निकलने वाले वन कर्मी भी सब कुछ जानकर अंजान बने हुए हैं। वन भूमि पर निर्माण कौन कर रहा है। यह भी बताने से लोग कतरा रहे हैं। पर्यावरण प्रेमियों ने जिलाधिकारी नेहा प्रकाश, एसपी अरविंद कुमार मौर्य व प्रभागीय वनाधिकारी एपी यादव से हस्तक्षेप कर इसकी जांच कराकर कार्रवाई करने तथा वन भूमि पर अनाधिकृत रूप से बनाए जा रहे धर्मस्थल को तत्काल हटवाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करने व उस पर मंदिर, मस्जिद व मजार आदि का निर्माण पूरी तरह से प्रतिबंधित किया है। साथ ही इसके लिए जिला व तहसील प्रशासन को इन भूमि को चिह्नित कर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही साथ सार्वजनिक भूमि पर बगैर अनुमति धार्मिक निर्माण करने वालों को चिह्नित कर उन पर गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के इस आदेश का जिले में कितना अनुपालन हो रहा है। यह बताने के लिए यह तस्वीर ही काफी है। भिनगा जंगल के रावतारा स्थित वन भूमि पर मजारनुमा धर्मस्थल का निर्माण हो रहा है। रामनगर रावतारा पर सड़क के किनारे वनकर्मियों की मिलीभगत से बगैर अनुमति यहां इसका निर्माण हो रहा है। अनाधिकृत रूप से बिना किसी प्रमाणिक तथ्य के यहां आधार शिला रखी जा चुकी है, धीरे धीरे उसे विशालता का रूप दिया जा रहा है। वन भूमि पर यह किसकी अनुमति से कौन निर्माण बना रहा है। इस बारे में वनकर्मी कुछ भी बताने से बच रहे हैं।
अपना बोर्ड नहीं बचा पा रहे, दूसरों का कब्जा हटवाने वाले
जमुनहा तहसील क्षेत्र में भू माफिया व अतिक्रमणकारी सक्रिय हैं। जिन्हें पुलिस व तहसील प्रशासन का जरा भी खौफ नहीं है। दूसरों की भूमि से कब्जा हटवाने की जिम्मेदारी निभाने वाले स्वयं अपनी संपत्ति की सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसा ही कुछ मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर बनगई में जमुनहा बस स्टैंड पर देखा जा सकता है। जहां बस स्टैंड चौराहा पर एसएसबी व पुलिस चौकी का बोर्ड लगा हुआ है। जिस पर कब्जा कर पटरी दुकानदार उसे पिलर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस पर तिरपाल बांध कर वह अपनी दुकानों पर छाया कर रहे हैं।