शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद इस्तखार अपनी बाइक लेकर निकला था, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश की गई। जिसका मैसेज सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। सीओ श्रेष्ठा द्वारा मृतक की पत्नी से घंटों तक बंद कमरे में पूछताछ की गई। मृतक के ताऊ के लड़के शहजाद ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष नेत्रपाल सिंह का कहना है कि अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
पुलिस शिकायत पर एक्शन लेती तो बच सकती थी इस्तखार की जान
मृतक के ताऊ के लड़के शहजाद के अनुसार, बीती दो दिसंबर की दोपहर इस्तखार पर पट्टी कालरू स्थित खेत में तीन अज्ञात लोगों द्वारा हमला बोल दिया था और हत्या का प्रयास भी किया था। जिसकी लिखित सूचना तत्कालीन जलालाबाद पुलिस चौकी प्रभारी लोगेश कुमार को दी गई थी। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि यदि शिकायत पर पुलिस एक्शन लेती तो इस्तखार की जान बचाई जा सकती थी। किसान हमले के बाद से ही हत्या की आशंका को लेकर दहशत में था। जिसके कारण उसने घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया था।
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