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Murder in Shamli: लाश मिलने से सनसनी, बेरहमी से किसान को उतारा मौत के घाट, गले पर मिले चोट के गहरे निशान

Sat, 30 Dec 2023 05:07 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

Murder in Shamli: शामली के उमरपुर गांव के जंगल में एक किसान की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक के गले पर चोट के गहरे निशान मिले हैं। वहीं, पुलिस की जांच में मृतक की पहचान हो गई है।
जंगल में किसान का शव मिला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
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शामली जनपद में जलालाबाद क्षेत्र के ग्राम उमरपुर के जंगल में नागल मार्ग के रजबहे की पटरी पर एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। गला दबाकर और तेजधार हथियार से हमला कर किसान की हत्या की गई। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।



शनिवार की सुबह करीब आठ बजे उमरपुर के जंगल में रजबहे की पटरी पर खेतों में जा रहे किसानों को एक व्यक्ति का शव पड़ा दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर सीओ श्रेष्ठा ठाकुर मौके पर पहुंचीं। शव की पहचान जलालाबाद के मोहल्ला जामिन अली निवासी 45 वर्षीय इस्तखार उर्फ भूरा के रूप में हुई। मृतक के गले में चोट के गहरे निशान व शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस के अनुसार, प्रतीत हो रहा है कि हत्या से पूर्व उसकी पिटाई की गई व गले में फंदा डालकर बेरहमी से हत्या की गई है।

शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद इस्तखार अपनी बाइक लेकर निकला था, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश की गई। जिसका मैसेज सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। सीओ श्रेष्ठा द्वारा मृतक की पत्नी से घंटों तक बंद कमरे में पूछताछ की गई। मृतक के ताऊ के लड़के शहजाद ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष नेत्रपाल सिंह का कहना है कि अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

पुलिस शिकायत पर एक्शन लेती तो बच सकती थी इस्तखार की जान
मृतक के ताऊ के लड़के शहजाद के अनुसार, बीती दो दिसंबर की दोपहर इस्तखार पर पट्टी कालरू स्थित खेत में तीन अज्ञात लोगों द्वारा हमला बोल दिया था और हत्या का प्रयास भी किया था। जिसकी लिखित सूचना तत्कालीन जलालाबाद पुलिस चौकी प्रभारी लोगेश कुमार को दी गई थी। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि यदि शिकायत पर पुलिस एक्शन लेती तो इस्तखार की जान बचाई जा सकती थी। किसान हमले के बाद से ही हत्या की आशंका को लेकर दहशत में था। जिसके कारण उसने घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया था।

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अब कौन करेगा पालन-पोषण
मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और चार बेटियां हैं। इस्तखार ही खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन पोषण कर रहा था। अब उसके परिवार में दो वक्त की रोजी-रोटी का संकट आ गया है। लोागें ने भी पीड़ित परिवार को मदद की मांग प्रशासन से की है।

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