वन विभाग की आपत्ति के बाद दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का निर्माण रुका
शामली। सहारनपुर मंडल के सामाजिक वन विभाग के प्रभागीय निदेशक के पत्र के बाद दिल्ली- शामली,सहारनपुर हाईवे का निर्माण कार्य बंद हो गया है। वन विभाग के अफसर ने तर्क दिया कि दिल्ली- शामली, सहारनपुर हाईवे की अनुमति उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण उपशा द्वारा ली गई थी, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा वन एव पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति नहीं ली गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा हाईवे निर्माण को नियम विरुद्ध मानकर आपत्ति दर्ज किए जाने के बाद निर्माण एजेेंसी ने हाईवे की काम पर ब्रेक लगा दिया है।
शासन ने दिल्ली- शामली, सहारनपुर हाईवे के निर्माण के लिए 11 साल पहले उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण उपशा को जिम्मेदारी दी थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में इस प्रोजेक्ट को भारत सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित कर दिया था।
राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग प्राधिकरण ने बागपत में अपनी इकाई स्थापित की थी। राष्ट्रीय राज्य राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की ओर दिल्ली-शामली, सहारनपुर हाईवे को दो चरणों में निर्माण कार्य पूरा करने के लिए परियोजना तैयार की। हाईवे का प्रथम चरण कार्य खत्म हुए एक साल हो चुके हैं। पिछले दो साल से शामली से सहारनपुर का दूूसरे चरण का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। एक सितंबर को सामाजिक वानिकी प्रभाग सहारनपुर के प्रभागीय निदेशक आईपी सिंह ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक को पत्र भेजकर कहा कि दिल्ली- शामली, सहारनपुर के 126 से लेकर 297 तक 178 किमी से 113.235 हेक्टयर भूमि सामाजिक वानिकी प्रभाग सहारनपुर के तहत मार्ग की ओर चौड़ीकरण को उपशा से एनएचएआई को हस्तांतरण की गई थी।
इस संबंध में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की ओर से 31 मई 2013 को सैद्घांतिक अनुमति मांगी गई थी, जिसमें 28 मई 2014 को विधिवत स्वीकृति मिली थी। उपशा द्वारा इस भूमि को एनएचएआई को हस्तांतरण करने के बाद चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है, जो नियम विरुद्ध है। उनका कहना है कि उपशा को पूर्व में हस्तांतरित संरक्षित वन भूमि पर यदि एनएचएआई द्वारा कार्य कराया जाता है तो पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की अनुमति प्राप्त करनी होगी। वन विभाग के प्रभागीय निदेशक ने अपने पत्र में कहा है कि इस मार्ग 126 से लेकर 207 किमी के 113.235 हेक्टेयर में कार्य कराने की अनुमति उपशा से विनियमित कराने के लिए एनएचएआई के संबंधित अभिलेख उनके पास भिजवाने होंगे। वन विभाग के प्रभागीय निदेशक का पत्र जारी होने के बाद हड़कंप मच गया है। निर्माण एजेंसी ने शुक्रवार कार्य रोक दिया है।
उच्च स्तर पर उठाया जाएगा मामला
- उपशा के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए एनएचएआई को कार्य सौंपा गया था। उपशा द्वारा ली गई अनुमति एनएचएआई को दी गई थी। हाईवे का काम एनएचएआई पिछले तीन साल से कर रहा है। वन विभाग के प्रभागीय निदेशक के संज्ञान में भी है। अब वह इस आपत्ति जता रहे हैं। जो कि गलत है। परियोजना को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर पर उठाया जाएगा।
संजय कुमार मिश्रा, परियोजना निदेशक एनएचएआई बागपत इकाई।