कैराना अदालत समाचार-मृतक भूपेंद्र की मां और मुकदमे की वादी सुरेश देवी-संवाद
कैराना (शामली)। कंकरखेड़ा के भूपेंद्र और उसके बेटे अर्जुन हत्याकांड में बुजुर्ग मां सुरेश देवी की हिम्मत ने अहम भूमिका निभाई। जब आरोपी उनके बेटे और पोते को यातनाएं दे रहे थे और उनसे रुपये लाने के लिए कहा गया, तब सुरेश देवी रुपये लेने घर जाने के बजाय पुलिस को सूचना देकर मौके पर ले आईं। इसी दौरान बनाया गया वीडियो और उनकी गवाही अहम साक्ष्य बनी। करीब चार साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया।
सुरेश देवी के अनुसार सिपाही विक्रांत उसके बेटे भूपेंद्र और पोते अर्जुन को पीटते हुए रुपये मांग रहे थे। उन्होंने कहा था कि पचास हजार रुपये पहले दे चुकी हैं और बाकी रकम जल्द उपलब्ध करा देंगी। इसके बाद भी आरोपी नहीं माने और घर से रुपये लाने के लिए सुरेश देवी को भेज दिया। सुरेश देवी ने समझदारी दिखाई और रुपये लेने घर जाने के बजाय पीआरवी को सूचना दी। वह पुलिसकर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने अपने मोबाइल से भूपेंद्र और अर्जुन के साथ मारपीट का वीडियो बनाया। यह वीडियो बाद में मुकदमे में महत्वपूर्ण साक्ष्य बना। वीडियो में दोनों पिता-पुत्र को पीटते हुए हत्यारे दिखाई दे रहे थे। सुरेश देवी खुद घटना की चश्मदीद गवाह रहीं।
धमकी मिली, फिर भी नहीं बदली गवाही
सुरेश देवी के मुताबिक करीब तीन साल पहले आरोपी विक्रांत ने अपने साथियों के माध्यम से उन पर गवाही न देने का दबाव बनाया था। गवाही देने पर हत्या करने की धमकी तक दी। इस संबंध में कंकरखेड़ा में शिकायत दर्ज कराई गई थी। धमकियों के बावजूद सुरेश देवी पीछे नहीं हटीं और अदालत में अपनी गवाही पर कायम रहीं।
हत्यारोपियों की दादी बोलीं- गलत तरीके से फंसाया गया
कैराना। हत्यारोपी विक्रांत की दादी राजश्री ने आरोप लगाया कि उनके पोतों को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। उनका कहना है कि भूपेंद्र और अर्जुन पर उनके रुपये बकाया थे और नौकरी लगवाने के नाम पर उनके साथ ठगी की गई थी। उन्होंने हत्या के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि परिवार इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।