शामली। जिला अस्पताल में संसाधन होने के बाद भी मरीजों को उनका लाभ नहीं मिल रहा है। अस्पताल में आईसीयू पर ताला लटका है और वेंटीलेटर का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को परेशान होना पड़ता है।
पूर्वी यमुना नहर पटरी के किनारे करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार जिला अस्पताल 16 अगस्त 2021 से शुरू हुआ था। अभी तक अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, रेडियोलोजिस्ट, निश्चेतक, फिजिशियन, हृदय रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक के पद रिक्त चल रहे हैं। स्टाफ नर्स के 30 पदों के सापेक्ष 22 पर नियुक्ति है। जिला अस्पताल में ओपीडी में रोजाना 1200 से 1500 तक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
मरीजों की परेशानी ये है कि एक तो विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से बेहतर इलाज नहीं मिल पाता, दूसरा ये कि इलाज के लिए उन्हें कतार में डेढ़ से दो घंटे से ज्यादा समय तक खड़े रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
आईसीयू-पीकू वार्ड में वेंटीलेटर कैद, गेट पर लटका ताला
जिला अस्पताल में 28 वेंटीलेटर हैं। आईसीयू में 10 और पीकू वार्ड में 14 और अन्य चार वेंटीलेटर स्टोर में रखे हैं। फिजिशियन व निश्चेतक न होने के कारण उनका इस्तेमाल न होने से मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है।
जिला अस्पताल में ये चिकित्सक है नियुक्त
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक/नेत्र सर्जन, जनरल सर्जन, नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ दो, दंत चिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ दो, पैथोलोजिस्ट, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर दो। सहारनपुर में नियुक्त फिजिशियन और मुजफ्फरनगर में नियुक्त रेडियोलोजिस्ट को जिला अस्पताल संबद्ध किया गया है।
बोले मरीज
गांव पलठेड़ी निवासी तनवीर ने बताया कि वह अपनी 16 वर्ष की बेटी के इलाज के लिए आए हैं। पहले तो पर्चा बनवाने के लिए एक घंटे से ज्यादा का समय लगा। अब एक घंटे से ओपीडी में कतार में खड़े हैं। अभी कितना समय लगेगा यह पता नहीं।
गांव गढ़ी दौलत निवासी आरिफ ने बताया कि वे चाचा ताहिर का इलाज कराने सुबह 10 बजे आए थे। साढ़े 12 बजे तक भी चिकित्सक को दिखाने के लिए नंबर नहीं आया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए शासन को समय-समय पर पत्राचार किया जा रहा है। वेंटीलेटर चालू हालत में हैं लेकिन निश्चेतक न होने से उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को उपलब्ध चिकित्सकों से जांच कर उपचार व दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
- मनोज कुमार अखौरी सीएमएस जिला अस्पताल
अभियान: जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लगी मरीजों की भीड़। संवाद- फोटो : 1