इसके बाद परविन्द्र की अंकुर से कहासुनी हो गई थी। उस समय गांव के गणमान्य लोगों ने दोनों पक्षों में फैसला करा दिया था। अंकुर पक्ष ने बाइक में हुए नुकसान की भरपाई करने की बात कही थी।
आरोप है कि इसी बीच रात में करीब दो बजे परविंद्र पक्ष द्वारा बुलाए गए चार लोग घर की दीवार फांदकर अंदर घुस गए और परिवार के सदस्यों पर लाठी डंडों पर तेजधार हथियार से हमला बोल दिया। रघुवीर पुत्र हरदेवा, पोता रोहित, अंकुर, शनि घायल हो गए।
घायलों को उपचार के लिए ऊन सीएचसी में भर्ती करता गया। बुजुर्ग रघुवीर की हालत को गंभीर देखते हुए शामली रेफर कर दिया गया, जहां पर रघुवीर की उपचार के दौरान मौत हो गई।
रोहित का आरोप है कि बाइक टकराने के विवाद में ही उसके दादा की हत्या की गई। अब भी परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। एएसपी संतोष कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कर कारवाई अमल में लाई जाएगी।