शामली के एक्सिस बैंक में लूट करने वाले की तलाश में जिले की एसओजी, क्राइम ब्रांच व पुलिस टीमों के अलावा मंडल की एसओजी व एसटीएफ भी लगी हुई थी। पुलिस टीमें आसपास के जिलों से लेकर दिल्ली, हरियाणा व उत्तराखंड आदि राज्यों में बदमाश की तलाश में लगी रहीं। लेकिन अमरजीत जिले में ही आराम से घूम रहा था।
पुलिस ने लगभग 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुराने अपराधियों, जमानत पर छूटे बदमाशों की कुंडली देखी। लुटेरे की आखिरी लोकेशन लिलौन खेड़ी जाने वाले रास्ते पर बने अंडरपास तक ही मिली थी। पुलिस टीमों ने आसपास गांवों में तलाश शुरू की। इसके बाद पुलिस को लुटेरे तक पहुंचने में सफलता हाथ लगी।
लुटेरे को रिमांड पर लेगी पुलिस
डीआईजी ने बताया कि बैंक में लूट करने के आरोपी के रिमांड के लिए न्यायालय में आवेदन किया जाएगा। रिमांड स्वीकृत होने पर उसे लाकर गहनता से पूछताछ की जाएगी, जिससे कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिलेंगे। इसमें सबसे बड़ा सवाल ये है कि लूट करने की योजना का आइडिया कहां से लिया। उसने किसी फिल्म को देखकर तो लूट करने की योजना नहीं बनाई थी। लूट में किसी बैंककर्मी की मिलीभगत तो नहीं या फिर अन्य कोई तो शामिल नहीं रहा। डीआईजी ने बताया कि आरोपी की पत्नी व दो बच्चे हैं।
यह हुई थी घटना
एक अक्तूबर की दोपहर दो बजे अमरजीत फेस मास्क लगाकर, सिर पर कपड़ा बांधे और नाक पर बैंडेड लगाकर एक्सिस बैंक में मैनेजर के केबिन में पहुंचा था। उसने मैनेजर नमन जैन को एक पत्र दिया था, जिसमें लिखा था, उसके ऊपर 38 लाख रुपये का कर्जा है। दस मिनट में उसे 40 लाख रुपये चाहिए। अगर उसे रुपये नहीं दिए तो वह मैनेजर को गोली मार देगा या सुसाइड कर लेगा। इसके बाद कैशियर रोहित ने केबिन में ही 40 लाख रुपये लाकर दिए।
आरोपी ने रुपये बैग में रखे और मैनेजर व कैशियर को तमंचे दिखाकर उनके हाथ ऊपर करके गेट तक ले गया। इसके बाद बैंक के बाहर खड़ी बाइक पर बैठकर मिल से होते हुए गांव लिलौन-खेड़ी जाने वाले रास्ते से होता फरार हो गया था। बैंक लूट की घटना की गूंज लखनऊ तक पहुंची थी। शासन स्तर से भी इस घटना की मॉनिटरिंग की जा रही थी।