शामली। सोशल मीडिया और इंटरनेट के दौर में विद्यार्थियों को साइबर शातिरों से बचकर रहना चाहिए और अपने परिवार के लोगों को भी जागरूक करना चाहिए। साइबर शातिर वर्तमान में पुलिस के नाम पर डिजिटल अरेस्ट कर लोगों को ठग रहे हैं, जबकि पुलिस कभी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। थाने पर पूछताछ के लिए बुलाती है।
यह बातें साइबर पुलिस ने रविवार को रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर चलाए गए अभियान के दौरान यात्रियों को बताई। इंस्पेक्टर संजीव भटनागर ने बताया कि ऐसा नहीं है कि सोशल मीडिया सिर्फ हानिकारक है। इसके कई लाभ भी हैं। जरूरत है उसका सकारात्मक रूप से उपयोग करने की। साइबर शातिर सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिये किसी भी व्यक्ति की जानकारी जुटा लेते हैं। फिर उसके परिजन को पुलिसकर्मी बनकर फोन करते हैं। n डीआईओएस को भी किया था डिजिटल अरेस्ट करने का प्रयास : शामली। जिला विद्यालय निरीक्षक जनार्दन सिंह शाक्य को भी क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताकर डिजिटल अरेस्ट करने का प्रयास किया था मगर वह बहकावे में नहीं आए।