कृष्णा नदी किनारे बनेंगे पार्क, ट्रीटमेंट प्लांट और तालाब
शामली। कृष्णा नदी पुनरोद्धार योजना के तहत नदी में गिरने वाले सभी नाले बंद किए जांएगे। नदी के किनारे सभी ग्राम पंचायतें 104 किमी नाले का निर्माण कराएंगी। नदी के किनारे पार्क, ट्रीटमेंट प्लाट, तालाब बनाए जाएंगे। तीन दिन में कांधला, शामली, थानाभवन ब्लाक के बीडीओ कार्ययोजना बनाकर सीडीओ के माध्यम से डीएम को सौंपेंगे।
बुधवार को लखनऊ से आई विश्व बैंक की ओर से गंगा मल्टी परियोजना की राज्य कोआर्डिनेटर पल्लवी विश्नोई ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ करमू खेड़ी जलधारा से लेकर लिलोन गांव तक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नाले के किनारे पौधरोपण किया गया। करमूखेड़ी जलधारा के पास कृष्णा नदी की जद में आ रहे 40 ग्राम प्रधानों, लेखपाल, ग्राम सचिव एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक डीएम अखिलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। राज्य कोर्डीनेटर पल्लवी विश्नोई ने करमू खेड़ी में रिवर से सीवर अलग करने और औद्योगिक क्षेत्र से लेकर करमू खेड़ी नाले का ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण के कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने करमू खेड़ी मॉडल को गंगा बेसिन में दोहराए जाने की घोषणा की है। विशिष्ट अतिथि डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने कृष्णा नदी की जद मे आ रहे 40 गांवों से रिवर में आने वाले नालों के पानी को बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी के किनारे दोनों ओर 104 किमी नाले का निर्माण कराया जाएगा। नदी में सिर्फ स्वच्छ जल बहेगा। नदी की जद में आ रही ग्राम सभा की एवं बंजर भूमि में खेल का मैदान, पार्क, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, तालाब विकसित किए जाएंगे। डीएम ने तीन दिन में कृष्णा नदी के कांधला, शामली और थानाभवन ब्लाक के बीडीओ को कार्ययोजना तैयार करके उन्हें अवगत कराए जाने के निर्देश दिए। डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि करमू खेड़ी से लिलौन तक आठ किमी पूर्वी यमुना नहर का स्वच्छ पानी अलग नाले में बह रहा है। गंदा पानी अलग नाले में बह रहा है। कृष्णा नदी की जद में 40 गांव आरहे हैं। नदी के समानांतर नाले का निर्माण कराया जाएगा। नालों की खुदाई का कार्य मनरेगा के श्रमिकों द्वारा की जाएगा। ग्राम पंचायत द्वारा बजट बनाकर नदी का अतिक्रमण हटवाकर पौधरोपण किया जाएगा। ग्राम समाज की ओर से राज्य वित्त ओर 14वें वित्त की ओर खेलका मैदान, पार्क विकसित किए जांएगे।
इस मौके पर सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, ग्राम्य विकास के परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र राणा मौजूद रहे। कृष्णा नदी अभियान से जुडे़ डाक्टर उमरशैफ ने कार्यक्रम का संचालन किया गया।