पाकिस्तान की जेल में बंद रहने के दौरान आईएसआई एजेंट कलीम किन-किन लोगों से मिला। कहीं जेल में बंद रहने के दौरान भी उसके संपर्क में आईएसआई एजेंट तो नहीं थे। इन सब तथ्यों की जांच शामली पुलिस और एसटीएफ, खुफिया एजेंसियों ने शुरू कर दी है।
माना जा रहा है कि जेल में रहने के दौरान भी कलीम एजेंटों के संपर्क में था। जांच में सामने आया है कि कलीम और उसका भाई स्लीपिंग मॉड्यूल के रूप में आईएसआई के लिए काम कर रहे थे। अपने साथ अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना ही इनका लक्ष्य था। आईएसआई के कहने पर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की तैयारी थी।