फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ा सवाल: पाकिस्तान की जेल में किस-किस से मिला कलीम, सबूत जुटाने में लगीं खुफिया एजेंसियां, जल्द खुलेंगे राज

Sat, 19 Aug 2023 04:39 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

Shamli News : एक बड़ा सवाल है कि आखिर कलीम पाकिस्तान की जेल में किस-किस से मिला। वहीं, खुफिया एजेंसियां सबूत जुटाने में लगी हैं। जल्द ही कलीम के सभी राज सामने आएंगे।
विज्ञापन
आरोपी गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान की जेल में बंद रहने के दौरान आईएसआई एजेंट कलीम किन-किन लोगों से मिला। कहीं जेल में बंद रहने के दौरान भी उसके संपर्क में आईएसआई एजेंट तो नहीं थे। इन सब तथ्यों की जांच शामली पुलिस और एसटीएफ, खुफिया एजेंसियों ने शुरू कर दी है।
विज्ञापन


माना जा रहा है कि जेल में रहने के दौरान भी कलीम एजेंटों के संपर्क में था। जांच में सामने आया है कि कलीम और उसका भाई स्लीपिंग मॉड्यूल के रूप में आईएसआई के लिए काम कर रहे थे। अपने साथ अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना ही इनका लक्ष्य था। आईएसआई के कहने पर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की तैयारी थी।

खुफिया एजेंसियों के अनुसार, स्लीपिंग मॉड्यूल पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करते हैं। आईएसआई के ट्रेंड एजेंटों, जासूसों से लेकर आतंकियों को एक तरह से सुरक्षा कवच और सुविधाएं उपलब्ध कराने के अलावा जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराना इन स्लीपिंग मॉड्यूल का काम होता है।

यह भी पढ़ें: ISI के खौफनाक इरादे: दंगों की आग से बच गया देश, जिहाद फैलाने की थी तैयारी, जानें- पाकिस्तान क्यों जाता था कलीम
विज्ञापन

इन स्लीपिंग मॉड्यूल के संपर्क काफी गहरे होते हैं। आईएसआई एजेंटों को स्थानीय स्तर पर सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए स्लीपिंग मॉड्यूल साथ रहते हैं। खासतौर से सैन्य इलाकों में इनकी पूरी मदद ली जाती है। हाल ही में कलीम और उसके भाई ने सैन्य क्षेत्रों के कई फोटो आईएसआई एजेंटों को भेजे थे।

यह भी पढ़ें: बुझे दो घरों के चिराग: गांव में पसरा मातम, पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल, दर्दनाक था हादसा
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें