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हुक्का गुड़गुड़ाते मिले बड़े मियां और चौधरी साहब

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शामली क्षेत्र के गांव लिलौन में एक साथ बैठकर चाय पीते याकूब और अनिल। - फोटो : SHAMLI
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हुक्का गुड़गुड़ाते मिले बड़े मियां और चौधरी साहब
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शामली। अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कालखंडे खाप चौधरी के गांव लिलौन में सभी आशंकाओं को दरकिनार कर दोनों वर्गों के लोग साथ बैठै नजर आए। बड़े मियां और चौधरी साहब हुक्के की गुड़गुड़ाहट के बीच बातें करते हुए चाय की चुस्कियां ले रहे थे।
रविवार सुबह करीब सवा 10 बजे मुख्य मार्ग पर ही पूर्व प्रधान सोहनपाल के घर के बाहर अहाते में ही चौकड़ी जमा थी। हुक्के गुड़गुड़ा रहे थे। चौधरी सोहनपाल हुुक्का गुड़गुड़ा रहे थे। पास में ही गांव के बुजुर्ग यूसुफ बैठे उनसे बात कर रहे थे। अयोध्या फैसले पर ही चर्चा हो रही थी। इसी बीच गांव के रामलाल कश्यप भी यहां पहुुंचते हैं। आते ही उन्होंने चौधरी साहब से राम राम की और बड़े मियां यूसुफ को सलाम पेश किया। बड़े मियां ने रामलाल कश्यप को गले से लगा लिया। हंसी मजाक चलती रही। अयोध्या मसले पर जब बड़े मियां से बात की गई तो बोले अयोध्या मसले पर जो भी फैसला आया है, ठीक है। वहां कुछ भी बने, हमें तो गांव में ही रहना है। अब अमन चैन कायम रहना चाहिए। चौधरी सोहनपाल कहते थे कि 2013 के दंगों के बाद कई गांव से मुस्लिम अपने घर छोड़कर गए, लेकिन उनके गांव में कुछ नहीं हुआ। जब भी दोनों पक्ष एक दूसरे के साथ बैठकर बतियाते थे। ये गांव हमेशा सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल रहा है।
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- चौधरी साहब हैं हमें क्या टेंशन
कुछ ही दूरी पर महमूद की साइकिल की दुकान पर भी यही चर्चा थी। यहां चौधरी जयपाल और महमूद आपस में बतिया रहे थे। पूछने पर महमूद ने कहा कि मंदिर बने या मस्जिद हमें इससे कुछ नहीं लेना हम तो चौधरी साहब के पड़ोस में रहते हैं हमें कोई टेंशन नहीं है। चौधरी जयपाल ने कहा कि गांव में जाट, मुस्लिम, कश्यप, सभी बिरादरी के लोग रहते हैं दुनिया में दंगे हो हमारे यहां कुछ नहीं होता।
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फारूख की बारात में गए दोनों समुदाय के लोग
रविवार को गांव में फारूख की शादी थी। सुबह ही बारात बागपत जिले के निरपुड़ा में गई थी। बारात में भी दोनों वर्ग के लोग गए थे। गांव के राशिद ने बताया कि बारात में राजपाल, सुनील सहित कई लोग गए हैं। बताया कि उनके गांव में कुछ जगह तो हिंदू और मुस्लिम समाज के मकान एक ही गली में लेकिन सबका एक दूसरे के यहां आना जाता है। तीज त्योहारों पर भी सब एक दूसरे को बधाई देते हैं और खुशियों में शामिल होते हैं।

शामली क्षेत्र के गांव लिलौन में आपस में वार्ता करते लोग।- फोटो : SHAMLI

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