शामली जनपद में कैराना कस्बा निवासी शाहनवाज दुबई से लौटे थे। यह पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें क्वारंटीन कर उनके नमूने जांच को भेजे। 24 मार्च को उन्हें कोरोना की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग ने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार किया और 15 दिन बाद ही वह ठीक होकर अपने घर चले आए।
शाहनवाज ने बताया कि जब उसे कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला तो शुरू में वह थोड़ा घबराया। मगर आइसोलेशन वार्ड में उसे किसी तरह की तकलीफ नहीं हुई। वहां एलईडी पर मनोरंजन कार्यक्रम भी देखें। परिजनों और दोस्तों से मोबाइल पर खूब बातें होती थी। सभी ने उसका हौसला बढ़ाया। पत्नी और बच्चों से वीडियो कॉलिंग पर बातें करता था, जिससे उसका मन मजबूत हुआ। उपचार के दौरान भी उसे तकलीफ नहीं हुई। सब कुछ सामान्य जैसा चलता रहा। उसे लगा कि लोगों में कोरोना का डर ज्यादा है जबकि हकीकत इतनी नहीं है। बस इसके बाद उसने मन में यही सोचना शुरू किया कि वह बिल्कुल ठीक है और जल्दी अपने घर लौटेगा। खुदा की इबादत की और दुआ मांगी। इसके बाद कराई गई दो रिपोर्ट निगेटिव आई।
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डॉक्टर्स ने बताया कि अब तुम्हें जल्द घर भेज दिया जाएगा। यह सुनकर ऐसा लगा जैसे नई जिंदगी मिली हो। फिर कुछ दिन निगरानी में रखने के बाद डिस्चार्ज कर घर भेज दिया। आज वह अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रहा है। शाहनवाज ने लोगों को संदेश दिया कि कोरोना से डरे नहीं बस अपने घरों में सुरक्षित रहें। मन में सकारात्मक सोच रखें।
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