शामली कलक्ट्रेट में शिकायत करने पहुंचे थानाभवन के लोग।
- फोटो : SHAMLI
शामली। थानाभवन के कई लोग सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम से मिले। शामली-अंबाला हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान कहा कि वह आवासीय दर से कम भूमि का मुआवजा हरगिज नहीं लेंगे। इसका विरोध किया जाएगा। एडीएम से आवासीय की दर से ही भूमि का अवार्ड तैयार किए जाने की मांग की।
करीब 110 किमी लंबे अंबाला-शामली के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया इन दिनों चल रही है। प्रशासन ने थ्री-ए की प्रक्रिया पूरी कर ली है। थ्री-डी के प्रकाशन से पूर्व हाईवे की जद में आ रहे भूमि स्वामियों से आपत्ति मांगी गई थी। जिन पर शनिवार को सुनवाई हुई थी। रविवार को थानाभवन के लोग बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम से मिले। भारत भूषण ने बताया कि वर्षों पूर्व उन्होंने थानाभवन में आवासीय भूमि खरीदी थी। जिसका आवासीय की दर का बैनामा भी उनके पास है। हाईवे की अधिसूचना जारी होने के कारण भूमि का दाखिल-खारिज नहीं हो पाया। इसके अलावा कई और लोगों ने आवास बना रखे हैं और वर्षों से वहां रह रहे हैं। अब प्रशासन इस भूमि का कृषि भूमि की दर से अवार्ड तैयार कर रहा है। जो भूमि मालिकों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि आवासीय से कम दर पर मुआवजा वह बिल्कुल नहीं लेंगे। यदि कम मुआवजा दिया जाएगा तो वह भूमि अधिग्रहण का पुरजोर विरोध करेंगे। एडीएम संतोष कुमार सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। इसके बाद ही प्रशासन थ्री-डी का प्रकाशन कराएगा। इस मौके पर परवेज, नरेंद्र, विजयपाल, रजनी, ऊषा, रामबीर, सुधीर, विजयपाल, जुल्फकार आदि मौजूद रहे।
दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर को लेकर भी हो रहा विरोध
शहर से गुजरते हुए प्रस्तावित दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर को लेकर भी किसान आंदोलनरत हैं। वह सर्किल रेट बढ़ाकर मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। जनपद के किसानों के साथ बागपत, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के किसान भी इस आंदोलन में शामिल हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से किसानों की कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।