शामली। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज शामली में में मुरलीधर दत्तात्रेय (भाऊराव) देवरस, रानी लक्ष्मीबाई, गुरु नानक देव जयंती का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
बृहस्पतिवार को कालेज सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आचार्य सोमदत्त आर्य ने मुरलीधर दत्तात्रेय (भाऊराव) देवरस और रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डाला। बताया कि भाऊराव देवरस कुशल संगठनकर्ता, श्रेष्ठ विचारक, चिंतक होने के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह रहे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे व्यक्तियों को संघ से जोड़ा। झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई वास्तविक अर्थ में आदर्श वीरेांगना थी। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी अग्रणी एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऐसी महान विभूतियों का जीवन दर्शन हम सबके लिए महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम अध्यक्ष प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा ने गुरु नानक के जीवन पर प्रकाश डाला। बताया कि गुरु नानक देव सिख धर्म के संस्थापक, भाईचारे और मानवता के संदेश वाहक रहे है। उन्होंने अपनी शिक्षा के अंतर्गत जीवन के आखिरी 18 वर्षों में खेतों में हल चलाकर यह बताया कि हर मनुष्य को मेहनत करनी चाहिए।
संचालन ओजस्वी कवि प्रीतम सिंह ‘प्रीतम’ ने किया। मौके पर संस्था के उप प्रधानाचार्य मलूक चंद, आचार्य अरविंद कुमार, नीटू कश्यप, मधुबन शर्मा, मोहर सिंह, प्रदीप कुमार, सचिन कुमार, विजय कुमार, अंकुर कुमार, वसीम खान आदि मौजूद रहे।