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थानाभवन में बारूद के ढेर पर 50 हजार की आबादी

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थानाभवन में बारूद के ढेर पर 50 हजार की आबादी
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थानाभवन। कस्बे की 50 हजार की आबादी बारूद के ढेर पर है। कस्बे में जगह-जगह घरों में पटाखे बनाने का अवैध धंधा चलाया जा रहा है। दीपावली का त्योहार नजदीक आने के कारण इस काम ने रफ्तार पकड़ ली है।
थानाभवन के करीब 400 परिवार पटाखे बनाते हैं। एक दर्जन पटाखा कारोबारियों से ये परिवार पटाखों का कच्चा सामान अपने घर ले आते हैं। जहां पर गत्ते से खोखे बनाना हो, सुतली लपेटना हो या फिर उसमें बारूद भरना हो, सभी काम इन्हीं घरों में होता है। जिसमें महिला व पुरुष ही नहीं छोटे बच्चे भी काम करते हैं। ये परिवार मजदूरी के लालच में अपने ही परिवारों की जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। जनपद के कैराना में हुए पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद नगर के लोकनगर में 2014 की भयावह घटना सहित दर्जन भर घटनाओं को याद कर लोग सिहर गए।
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2014 में कस्बे के मोहल्ला छिपियान में स्थित एक मकान में बारूद की टंकी में चूल्हे की चिंगारी लगने से हुए जबरदस्त विस्फोट में एक वृद्ध महिला की मौत हो गई थी। काफी दूर तक लोगों को अंदेशा हुआ था जैसे उनके घरों में ही विस्फोट हुआ है। आस-पास के घरों में भी दरारे तक आ गई थीं। 2013 में भी बारूद के ऊपर लगे बल्ब के तार में स्पार्क से फुलझड़ी का बारूद जला और वहां मौजूद मोहल्ला छिपियान निवासी दो युवकों की मौत हो गई थी। जबकि एक बड़ा हादसा 2007 में भी हुआ था। जिसमें मोहल्ला छिपियान में स्थित एक फैक्टरी में विस्फोट से दर्जन भर लोग झुलस गए थे।
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इसके अलावा 2019 में थानाभवन के ऊन मार्ग पर एक दुकान में रखे सुतली बमों को जलाते समय एक बच्चे का हाथ क्षत-विक्षत हो गया था। 2019 में ही मोहल्ला रेत्ती में स्थित सरस्वती स्कूल के बाहर पड़े कूड़े में विस्फोट से एक महिला सफाई कर्मचारी घायल हो गई थी। 2018 में दीपावली के दो दिन पूर्व कूड़े में विस्फोट में सफाई कर्मचारी झुलस गया था। 2016 में मोहल्ला छिपियान में मकान के बाहर पड़े कूड़े में विस्फोट हुआ। 2011 में मोहल्ला नई घांसमंडी में एक घर में डिबिया के गिरने से विस्फोट में मां बेटी घायल हो गए थे। दस वर्ष पूर्व मोहल्ला टंकी रोड स्थित एक दो मंजिला मकान में भी विस्फोट हुआ था। शाहविलायत मोहल्ले में भी पांच वर्ष पूर्व कूड़े में विस्फोट में एक बच्चे का हाथ झुलस गया था।
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