एडीएम को एसपी के नाम दिए प्रार्थना पत्र में जितेंद्र ने कहा कि गत 18 मार्च को वह किसी कार्य से जलालाबाद गया था और वहां से पैदल घर को लौट रहा था। पैंटून पुल के पास गांव रामपुर ढका डांडी के कुछ लोगों ने उसे घेरकर गालीगलौज की और इसका विरोध करने पर पीटा।
शाहजहांपुर में फर्जी वसीयत की आड़ लेकर कुछ लोगों ने कलान क्षेत्र के मकरंदपुर निवासी जितेंद्र सिंह की पैतृक जमीन पर कब्जा कर लिया। इस मामले में थाना से लेकर पुलिस अधीक्षक स्तर तक कई बार प्रार्थना पत्र देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे परेशान होकर जितेंद्र सोमवार को आत्मदाह करने का इरादे से कलेक्ट्रेट जा पहुंचा। उसके पास प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल देख कर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने उसे समझाया और कार्रवाई का आश्वासन देने के साथ उस पर जानलेवा हमला करने के आरोपियों के खिलाफ पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए।
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एडीएम को एसपी के नाम दिए प्रार्थना पत्र में जितेंद्र ने कहा कि गत 18 मार्च को वह किसी कार्य से जलालाबाद गया था और वहां से पैदल घर को लौट रहा था। पैंटून पुल के पास गांव रामपुर ढका डांडी के कुछ लोगों ने उसे घेरकर गालीगलौज की और इसका विरोध करने पर पीटा। उसका सिर फोड़ दिया। उसे मरा समझकर भाग गए। दो दिन बाद थाने में लिखित सूचना देने पर भी उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। जितेंद्र ने बताया कि हमलावरों ने फर्जी वसीयत में खुद को उसकी मां का भांजा बताकर पिता के नाम दर्ज कृषि भूमि अपने नाम करा ली और अब उसकी हत्या करने पर आमादा है। जितेंद्र ने कहा कि चार बार पुलिस अधीक्षक से मिलने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होने से अब उसके सामने आत्मदाह के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।