शाहजहांपुर। जिले में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। हालांकि डेंगू का एक भी केस सामने नहीं आया है। सामान्य मलेरिया के 98 मरीजों की पुष्टि हुई है। बुखार से निपटने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर और ओपीडी में अलग से फीवर क्लीनिक बनाया है। डेंगू और मलेरिया के लिए मेल-फीमेल वार्ड में अलग से 6-6 बेड आरक्षित किए हैं।
मेडिकल कॉलेज के मुताबिक ट्रॉमा सेंटर में रोजाना 30 से 40 और ओपीडी में 100 से 120 मरीज आ रहे हैं। हालांकि पैथोलॉजी जांच में अधिकतर वायरल बुखार की पुष्टि हो रही है। अभी तक डेंगू का कोई केस नहीं आया है। बुखार से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन सभी तैयारियां पूर्ण होने का दावा कर रहा है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बुखार से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था की गई है। सभी प्रकार की जांचों की सुविधा और दवाइयों की उपलब्धता है। बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर ओपीडी, फीवर क्लीनिक एवं ट्रामा सेंटर में मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मेल-फीमेल मेडिकल वार्ड में 6-6 बेड डेंगू और मलेरिया के मरीजों के लिए अलग कर दिए हैं।
जमीन पर लिटाकर हो रहा मरीजों का इलाज
बुखार के मरीजों से ट्रॉमा सेंटर भरा पड़ा है। यहां मरीजों को जमीन पर लेटा कर इलाज किया जा रहा है। मरीजों को बेड पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ उन्हें जमीन पर ही लेटा कर इंजेक्शन लगा रहा है और ड्रिप चढ़ा रहा है।
सामान्य मलेरिया के 98 केस आए
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पीके श्रीवास्तव के मुताबिक जिले में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम मलेरिया का एक भी केस सामने नहीं आया है। यह गंभीर मलेरिया माना जाता है। जबकि प्लाज्मोडियम वैवाक्स मलेरिया के 98 केस सामने आ चुके हैं। इसे सामान्य मलेरिया माना जाता है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच व दवाएं उपलब्ध हैं। सात अगस्त से 16 अगस्त तक डोर टू डोर अभियान चलाकर नगर व देहात के प्रत्येक घर में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लोगों को मलेरिया से बचाव के तरीके बताएंगी।
मरीजों का हाल
रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला तारीन गढ़ीपुरा निवासी सायमा को बृहस्पतिवार को तेज बुखार आया। शुक्रवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर सायमा बेहोश हो गईं, जिसके बाद परिजन उनको राजकीय मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर लेकर आए। जहां उनको भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया गया।
मदनापुर क्षेत्र के गांव सिमरा खेड़ा निवासी आलोक को पिछले करीब दस दिन से बुखार आ रहा था। उन्होंने गांव में डाक्टरों से दवा ली, लेकिन फायदा नहीं हुआ तो शुक्रवार शाम परिजन राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर लाए। मरीज भर्ती तो कर लिया, इलाज भी शुरू हो गया, लेकिन बेड नहीं मिला है।
निगोही के अजमतपुर गांव निवासी जगदेवी ने शुक्रवार शाम 17 वर्षीय बेटी ज्ञानदेवी को उल्टी होने पर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। पहले कई डाक्टरों से दवा ली, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इसके बाद यहां लाए, मां जगदेवी ने बताया कि बेटी को भर्ती कर लिया है, लेकिन बेड नहीं मिला है। इसलिए जमीन पर लिटा दिया।
जैतीपुर में बुखार से कई लोग बीमार
जैतीपुर। गढ़ियारंगीन, डभौरा, जैतीपुर सीएचसी पर रोजाना बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। बझेड़ा भगवानपुर, जैतीपुर, खेड़ा रठ, खमरिया, गोगेपुर, गढ़ियारंगीन, परिउना आदि गांवों में भी परेशान हैं। खमरिया के गोविंद कश्यप ने बताया कि उनके घर में ही दो बच्चों समेत तीन लोगों को बुखार आ रहा है। दवाई लेने पर उतर जाता है और फिर बुखार आ जाता है। जैतीपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. लईक अहमद ने बताया कि क्षेत्र में दो मोबाइल टीमें लगातार काम कर रही हैं। समस्त ग्राम प्रधान और आशाओं को बुखार व कोरोना की किट बांटी गई हैं।
बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ी, सभी रोगी सामान्य बुखार के
पुवायां। पुवायां सीएचसी के प्रभारी डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि सीएचसी पर रोजाना लगभग डेढ़ सौ मरीज आ रहे हैं। इसमें 25 से 30 रोगी सामान्य बुखार के होते हैं। पुवायां क्षेत्र के किसी भी गांव में बुखार फैलने की सूचना नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में लोगों से संपर्क रखें और बुखार आदि कोई बीमारी के फैलने की सूचना तत्काल उपलब्ध कराएं।
बंडा सीएचसी के प्रभारी डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि सीएचसी पर बुखार के 40 से 50 रोगी आते हैं। सभी को सामान्य बुखार, खांसी आदि होती है। सभी गांवों में लोगों को आशा, आंगनबाड़ी कर्मचारी, एएनएम आदि के माध्यम से जागरूक किया जाता है। खुटार सीएचसी के प्रभारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि स्थित सामान्य है।