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नाबालिग बेटे ने हाथ पकड़े, किरायेदार ने पैर से गला दबाकर मार दिया था बुजुर्ग को

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थाना रामचंद्र मिशन पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी मीनू। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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भावलखेड़ा (शाहजहांपुर)। थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला सरायकाइयां में शिवओम अवस्थी (70) की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। किरायेदार ने मकान मालिक शिवओम के नाबालिग बेटे के साथ मिलकर उनकी हत्या की थी। पुलिस ने नाबालिग बेटे और किरायेदार की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बेटे ने बुजुर्ग के हाथ पकड़े थे, किरायेदार ने हाथ से मुंह बंद करते हुए पैर से गला दबा दिया था। पुलिस ने हत्यारोपी किरायेदार की पत्नी मीनू को जेल भेजने के साथ नाबालिग बेटे को किशोर न्यायालय में पेश किया है।
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मोहल्ला सरायकाइयां में पांच अप्रैल को शिवओम अवस्थी की घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पीलीभीत के रहने वाले भाई हरिओम अवस्थी ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। पोस्टमार्टम में शिवओम की गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद शक की सुई नाबालिग बेटे और वारदात के बाद से लापता किरायेदार राहुल मिश्रा तथा उसकी पत्नी मीनू मिश्रा की ओर घूम गई। राहुल मूल रूप से गोविंद नगर थाना पसगवां जनपद लखीमपुर खीरी का रहने वाला है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही थी।
सीओ सिटी सरवणन टी. ने बताया कि रविवार को हरदोई बाईपास चौराहे के पास से हत्यारोपी बेटे व मीनू को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में नाबालिग बेटे ने बताया कि उसके पिता के नाम थाना तिलहर क्षेत्र के गांव बंथरा में छह बीघा भूमि है, जिसकी कीमत लाखों में है। पिता फेरी लगाकर परचून का सामान बेचते थे। खर्चा मांगने पर उसे केवल 10 रुपये ही प्रतिदिन देते थे। इसे लेकर वह परेशान रहता था। किरायेदार राहुल मिश्रा ने उसे बहकाना शुरू कर दिया। कहा कि पिता उसे कुछ भी नहीं देंगे। जब मर जाएंगे तो मकान और भूमि उसके नाम आ जाएगी।
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इसे बेचकर कोई बिजनेस शुरू कर सकोगे और पास में पैसा रहेगा। उसके मुताबिक राहुल ने हत्या की साजिश रची। चार अप्रैल की रात राहुल शराब के दो क्वार्टर लेकर आया। उसने शराब में नींद की गोलियां मिलाकर शिवओम को पिला दीं। रात में करीब 11:30 बजे जब पिता खाना खाकर सो गए तो वह और उसकी पत्नी कमरे में आए। नाबालिग बेटे ने हाथ पकड़े और राहुल ने पहले हाथों से मुंह दबाया और फिर पैर से गर्दन दबा कर हत्या कर दी।
सीओ ने बताया कि बेटे के नाबालिग होने के चलते उसे किशोर न्यायालय बरेली में पेश किया जाएगा। गिरफ्तार महिला का चालान कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
शिवओम के बाद हरिओम को ठिकाने लगाने का था प्लान
शिवओम अवस्थी के नाम पैतृक गांव बंथरा में करीब छह बीघा भूमि है। उन्होंने सरायकाइयां में अपना मकान भी बनालिया था। इसकी कीमत भी लाखों में बताई गई है। पुलिस के मुताबिक शिवओम के बेटे ने पूछताछ में बताया कि किरायेदार राहुल मिश्रा से उसकी मुलाकात गाजियाबाद में एक फैक्टरी में काम करने के दौरान हुई थी। साथ काम करते हुए दोनों में गहरी मित्रता हो गई। होली से कुछ दिन पहले वह राहुल और उसकी पत्नी मीनू को अपने साथ यहां ले आया।
राहुल ने उसे जल्द ही बड़ा आदमी बनाने के सपने दिखाए। उसने कहा कि पहले पिता की हत्या कर देंगे। इसके बाद अविवाहित ताऊ जनपद पीलीभीत के थाना दिउरिया कलां निवासी हरिओम अवस्थी जो कि अपनी बहन के घर रह रहे थे, को भी यहां ले आएंगे। उन्हें भी ठिकाने लगा दिया जाएगा। फिर दोनों के संपत्ति बेचकर सारा पैसा लेकर गाजियाबाद भाग जाएंगे। घटना को अंजाम देने के बाद बेटा बोला कि उसे पिता की हत्या का बहुत अफसोस है। अब तो कोई जमानत भी नहीं कराएगा।
आठ दिन पहले बाथरूम में गिरकर लगी चोट से गहराया शक
शिवओम अवस्थी घटना से आठ दिन पहले बाथरूम में नहाते समय गिर गए थे, जिससे उनके चेहरे और पैर में खरोंच के निशान पड़ गए थे। शिवओम की मौत के बाद उनके बेटे ने रिश्तेदारों को बताया कि रात में अत्यधिक उल्टी एवं दस्त आने के कारण उनकी मौत हो गई है। जब परिवार वालों ने शव के पास में आकर देखा तो चोट के निशान होने के चलते शक पैदा हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद राज पर से पर्दा उठना शुरू हो गया।
किरायेदारों को रखने से पहले करें सत्यापन
किरायेदारों को रखने से पहले उनका सत्यापन करना बेहद आवश्यक है। ऐसे किरायेदार को अपने घर रखें जो आपका व आपके किसी संबंधी या मित्र का परिचित हो। किराये पर रखने से पूर्व उसकी आईडी अवश्य ले लें। उसके स्वभाव एवं आपराधिक इतिहास की भी जानकारी कर लें। ऐसा करने से किसी भी अनहोनी से बचा जा सकता है। -सरवर्णन टी., सीओ सिटी, शाहजहांपुर।
बच्चा किसी के बहकावे में तो नहीं...रखें नजर
अभिभावकों को बच्चों के संस्कारों पर ध्यान देना चाहिए। अक्सर आपाधापी की जिंदगी में अभिभावक बच्चों की जरूरतों पर ध्यान नहीं देते हैं। इससे उनके मन में कुंठा की भावना पैदा हो जाती है। ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति के बहकावे में वे आ जाते हैं। बच्चे के मन में पहले से ही अपने मां-बाप के प्रति नकारात्मक विचारधारा रहती है। बाहरी व्यक्ति के द्वारा भड़काए जाने पर उभर कर सामने आ जाती हैं और यही घटना किए जाने का कारण भी बनता है। ऐसे में आवश्यक यह है कि बच्चों से प्रतिदिन समय निकालकर बात अवश्य करें। उनकी भावनाओं को समझें और उनकी जायज जरूरतों को पूरा करें। -डॉ रोहिताश ईशा क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक राजकीय मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर।
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