बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित परिषदीय स्कूलों में फर्जीबाड़ा के पन्ने लगातार खुलते जा रहे हैं। शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच में फर्जी टीईटी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले गुरुजी की काली करतूत खुलती जा रही है। ऐसे ही 12 और गुरुजी हत्थे चढ़े हैं, जिनके ऊपर नौकरी बचाने की तलवार लटक चुकी है। इन सभी को नोटिस हो चुके हैं। बीएसए ने ऐसे शिक्षकों को 10 मई को कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का मौका दिया है, इसके बाद फर्जी टीईटी वाले शिक्षकों की नियुक्तियां निरस्त कर दी जाएंगी। खास बात यह है कि जिन बारह शिक्षकों पर तलवार लटकी है, उनमें 11 शिक्षक आगरा बेल्ट के ही हैं। यानी आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कासगंज और एटा के हैं। केवल एक शिक्षक पीलीभीत का हैं। यहां यह बताना भी जरूरी है कि चंद दिनों पहले फर्जी टीईटी मामले में जिन तीन शिक्षकों की सेवाएं खत्म की गई थीं, वह भी आगरा और फिरोजाबाद के ही थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि फर्जीबाड़ा वाले अभी और मुन्ना भाई विभाग के हत्थे चढ़ सकते हैं। क्योंकि अभी तमाम शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
इन शिक्षकों के पाए गए टीईटी के फर्जी सर्टिफिकेट
शाहजहांपुर। बीएसए कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जांच में जिन शिक्षकों के टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं, उनमें प्राथमिक स्कूल असतौली, मिर्जापुर के शिक्षक शिवदत्त लवानिया, गाजीपुर धुमगढ़ खुदागंज के अनिल कुमार, नवादा ताल्लुके पलिया के अनुज कुमार, नट्यूरा बंडा के अमित प्रताप सिंह, बाजपुर केसरी के अनिल कुमार सिंह, बंउा प्रथम की अल्पना सिंह, बउठा जमालपुर के देवराज सिंह, अगरासी कलान के भूपेंद्र सिंह, बंहगी खेरा के विश्वदेव, कासिम नगला के रावेंद्र सिंह, कलुआ बोझ जैतीपुर के सुजान सिंह और बंडिया कला के राजेश कुमार शामिल हैं। इनकी नियुक्ति सहायक अध्यापक पद पर अगस्त 2014 में हुई है।
बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि सभी को नोटिस जारी कर पक्ष रखने के लिए 10 मई को दोपहर 12 बजे कार्यालय में बुलाया गया है। संतोषजनक पक्ष नहीं होने पर सभी की सेवाएं खत्म की जा सकती हैं। इनमें आगरा के चार, फिरोजाबाद का एक, एटा के चार, कासगंज का एक, मैनपुरी का एक और पीलीभीत का एक शिक्षक शामिल है।
तीन शिक्षिकाओं की सेवाएं समाप्त
बीएसए राकेश कुमार ने विकास खंड जलालाबाद की तीन ऐसी शिक्षिकाओं की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जो काफी लंबे समय अनुपस्थित चल रही थीं। बीएसए ने बताया कि जलालाबाद क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नयागांव गुलड़िया की शिक्षिका अवंतिका जैन पिछले चार साल से अनुपस्थित थीं। उन्हें 21 जनवरी को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह न तो स्वयं आईं और न ही उनकी ओर से कोई प्रत्यावेदन प्राप्त हुआ। इसी तरह इसी ब्लाक की प्राथमिक स्कूल भुलभुलागंज की शिक्षिका सुनीता राठौर पिछले छह वर्षों से अनुपस्थित थीं, उन्हें भी नोटिस जारी कर पक्ष रखने का समय दिया गया, लेकिन वह भी नहीं आईं। तीसरी शिक्षिका रश्मि गोगिया हैं, जो प्राथमिक स्कूल लहरावर में तैनात थीं। वह दो वर्षों से स्कूल नहीं जा रही थीं। जब उन्हें नोटिस जारी किया गया तो उनकी ओर से अवैतनिक/बाल्यकाल अवकाश की मांग की गई, जो संभव नहीं था। बीएसए ने बताया कि तीनों शिक्षिकाओं को बर्खास्त कर दिया गया है।