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नियुक्ति पत्र पाकर 140 शिक्षकों के चेहरे खिले

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सहायक अध्यापक को नियुक्ति पत्र देते विधायक चेतराम और प्रभारी डीएम/सीडीओ प्रेरणा शर्मा। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के तहत नियुक्तियां होने के बाद शेष बचे शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने के लिए गन्ना शोध परिषद के सभागार में शुक्रवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर जनपद में नियुक्तियां पाने वाले 140 शिक्षकों को आमंत्रित किया गया। मुख्य अतिथि विधायक चेतराम और प्रभारी डीएम/सीडीओ प्रेरणा शर्मा ने नियुक्ति पत्र दिए तो उनके चेहरे खिल उठे। नवनियुक्त शिक्षकों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह गांवों में साक्षरता के प्रसार को बढ़ावा देने के साथ प्राथमिक शिक्षा को नए आयाम देंगे।
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कार्यक्रम शुरू होने से पहले लखनऊ में मुख्यमंत्री के स्तर से नियुक्ति पत्र वितरण का सजीव प्रसारण दिखाया गया। विधायक और सीडीओ ने नियुक्ति पत्र देते हुए शिक्षकों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था की नींव प्राथमिक शिक्षा पर टिकी है।
कार्यक्रम में पहुंचे एक शिक्षक के प्रपत्र पूरे नहीं पाए जाने पर उनका नियुक्ति पत्र रोक दिया गया। अधिकारियों ने उन्हें भी जल्द नियुक्ति पत्र देने के बारे में आश्वस्त किया। जमालपुर प्राथमिक स्कूल के शिक्षक मयंक भूषण पाडेय के संचालन में हुए कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य अचल मिश्र, जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) सोहन शुक्ला, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी रमेश सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी, शत्रुघन सरोज, फोटो लाल, सुनील कुमार, अमित सिंह व आराध्य उपाध्याय, जिला स्काउट मास्टर निकहत परवीन, जिला गाइड कैप्टन दपिंदर कौर, सुखमीत कौर, शिक्षक नेता देवेश वाजपेयी आदि मौजूद रहे।
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नियुक्ति पत्र पाकर भावुक हुए दिव्यांग लाल सिंह
बंडा क्षेत्र के गांव इंदलपुर निवासी दिव्यांग लाल सिंह को अतिथियों ने नियुक्ति पत्र दिया तो वह भावुक हो उठे। दरअसल, पोलियो के कारण लाल सिंह के दोनों पैर बचपन से खराब हैं। इस कारण वह अपने पैरों से चलने में लाचार हैं। लाल सिंह हाथों में हवाई चप्पल फंसाकर बैठी स्थिति में चलते हुए मंच पर पहुंचे तो उनके स्वागत में सभागार तालियों से गूंज उठा और अतिथियों ने भी उनके हौसले को सलाम किया। पूछने पर लाल सिंह ने कहा कि जितना सरकार देगी, उससे ज्यादा मेहनत करके वह बच्चों को शिक्षित कर इस लायक बनाएंगे कि उनकी तरह वह भी अपने परिवारों का सहारा बन सकें।
नव नियुक्त शिक्षकों की बात
बचपन में शिक्षक बनने का सपना देखा था। कई वर्षों की मेहनत के बाद सपना साकार होने से इतनी खुशी मिली कि उसे शब्दों में जाहिर करना कठिन हो रहा है। - सरिता वर्मा, मिशन स्कूल तिराहा
शिक्षण व्यवस्था की पहली सीढ़ी प्राथमिक शिक्षा है। बुनियादी शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल भेजने को उनके अभिभावकों को जागरूक करूंगी। - प्रियंका गुप्ता, सिटी पार्क
पहले प्रयास में वरीयता क्रम में थोड़ा पिछड़ गई, लेकिन दूसरे प्रयास में सफलता मिलने से अपार खुशी हो रही है। पापा-मम्मी के मार्गदर्शन से आज इस लायक बन सकी। - दीप्ति तिवारी, मदराखेल
पहले ही प्रयास में मुझे बेसिक शिक्षा विभाग की सेवा करने का अवसर मिला है। छोटे बच्चों को पढ़ाना चुनौतीपूर्ण होता है और वही बच्चे ऊंचे पद पर पहुंचेंगे तो ज्यादा खुशी होगी। - योगेश त्रिवेदी, मिश्रीपुर
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