शाहजहांपुर। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश प्रीति सिंह ने हत्या के प्रयास के एक मुकदमे में दो दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है। दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सरकारी वकील फौजदारी भावशील शुक्ला ने बताया कि जलालाबाद क्षेत्र के गांव नबीपुर निवासी विनोद कुमार सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह अपने पुत्र विजय उर्फ दीपू के साथ गांव के बुधपाल की पुत्री की शादी में 3-4 अप्रैल 2009 को गया था।
शादी में गांव का जदुनाथ भी शामिल था। रात 11 बजे बरात आई। वादी से कुछ दूरी पर उसका पुत्र विजय खड़ा था। वहीं पर जदुनाथ व उसका दोस्त हरदोई के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के मवैइया निवासी रघुनाथ खड़ा था। इस बीच जदुनाथ और रघुनाथ की उसके पुत्र विजय से कहासुनी होने लगी। वादी के पहुंचने से पहले ही जदुनाथ ने तमंचे से फायर कर बेटे को घायल कर दिया।
न्यायालय के आदेश पर 25 जुलाई, 2009 को रघुनाथ व जदुनाथ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। अदालत में मुकदमे के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी रघुनाथ व जदुनाथ को दोषी पाते हुए उन्हें सात-सात वर्ष के कारावास व दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया।