दोनों घायल महिलाओं को हाथरस के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। दीपमाला की इलाज के दौरान मौत हो गई। दरअसल बंडा क्षेत्र में आठ साल पहले भोले बाबा का सत्संग हुआ था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सत्संग से जुड़ गए थे। बंडा के एक मोहल्ले में हर सप्ताह भोले बाबा का सत्संग होता है। इसमें काफी भीड़ उमड़ती है।
15 वर्ष पहले संगत से जुड़े थे
मंगलवार को हादसे के बाद परिजन दीपमाला का शव लेकर गांव आ गए और अंतिम संस्कार किया। दीपमाला के पति विनोद कुमार ने बताया कि वह 15 वर्षों से संगत से जुड़े थे। उनकी पत्नी पहले काफी बीमार रहती थी।
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सत्संग में जाने के बाद जब वह ठीक हो गई तो वे लोग इसे संगत का चमत्कार मानने लगे। इसके बाद हर संगत में शामिल होते थे। उन्होंने कहा कि वे लोग तो मंगल कामना के साथ संगत में गए थे, क्या पता था कि ऐसा कुछ हो जाएगा। अब इतना बड़ा नुकसान हो गया है।