शाहजहांपुर। यूक्रेन के खारकीव में फंसे मोहम्मद आसिफ का पुत्र मोहम्मद सानी भी बॉर्डर पार कर गया है। रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचने के बाद उसने राहत की सांस ली है। उसके बाद शाम को वह एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया। संभावना है कि मंगलवार को उसकी घर वापसी हो जाएगी। बेटे के सकुशल यूक्रेन से बाहर आने के बाद परिजन काफी खुश हैं। बेटे के युद्धग्रस्त इलाके से सकुशल बाहर आने पर मोहम्मद आसिफ ने नमाज पढ़कर अल्लाह का शुक्रिया अदा किया।
मोहम्मद जंगला निवासी स्कूल की यूनीफॉर्म बेचने वाले मोहम्मद आसिफ का बेटा मोहम्मद सानी खारकीव में एमबीबीएस कर रहा था। 24 फरवरी से हालात तनावपूर्ण होने के बाद अधिकतर छात्र-छात्राओं ने यूक्रेन को छोड़ना शुरू कर दिया था। लेकिन, खारकीव में हालात ज्यादा तनावपूर्ण होने के कारण सानी नहीं निकल पाया था। यूक्रेन सरकार द्वारा सभी भारतीयों को निकलने के निर्देश के बाद सानी रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था। ट्रेन नहीं मिलने के कारण उसने कई किलोमीटर तक पैदल सफर तय किया। दो दिन तक मुश्किल भरे हालात में रहने के बाद सानी बस से यूक्रेन से निकलकर रोमानिया की ओर चल दिया था। सोमवार दोपहर में सानी ने अपने पिता आसिफ को फोन कर बताया कि मैं रोमानिया का बॉर्डर पार कर गया। वहां खाना खाने के बाद आराम भी किया। अब जल्द ही घर वापस आ जाएंगे। इतनी बात सुनकर मोहम्मद आसिफ और सबिहा ने राहत की सांस ली है। वह पिछले कई दिनों से बेटे की चिंता में थे।
आठ दिन के बाद मिला भरपेट खाना
-रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचने के बाद वहां काफी भीड़ होने के कारण उसे इंतजार करना पड़ा। हालांकि, रविवार शाम को उसका नंबर आ गया। रोमानिया में आने के बाद खाना खाने को मिला। सानी ने बताया कि आठ दिन के बाद भरपेट खाना खाया। इससे पहले बंकर में भी सही से खाना नहीं मिल पा रहा था। सफर के दौरान भी बिस्किट खाकर काम चलाया।
-यूक्रेन से सभी के बच्चे बाहर आ गए थे। सिर्फ हमारा ही बेटा फंसा था। वहां के हालात फोन के जरिए सानी ने बताए थे। जिसके चलते काफी ज्यादा चिंता हो रही थी। अब बेटा रोमानिया आ गया। सुरक्षित जगह पर आने से अब चिंता खत्म हो गई। बेटा रोमानिया के एयरपोर्ट पर पहुंच गया। जल्द ही उसकी घर वापसी हो जाएगी।
मोहम्मद आसिफ