भावलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निरीक्षण करते जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। डीएम उमेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को भावलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां के कई डॉक्टर और कर्मचारी गैरहाजिर पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और उनका जवाब तलब करने के निर्देश दिए।
डीएम ने उपस्थिति रजिस्टर देखने पर उसमें कई कर्मचारियों के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य केंद्र पर आने के बाद सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर होना चाहिए। उपस्थिति पंजिका के अनुसार रश्मि प्रांजिल, शैलेन्द्र कुमार, डॉ. मो. यूसुफ खां और डॉ. जीवन ज्योति बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले।
डीएम ने सीएमओ को इन सभी कर्मचारियों का स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्रवाई की संस्तुति सहित आख्या तीन दिन में प्रस्तुत करने को कहा। प्रभारी चिकित्साधिकारी से डीएम ने स्वास्थ्य केन्द्र पर तैनात नियमित व संविदा कर्मचारियों की जानकारी ली। उन्होंने सीएचसी के किशोर/किशोरी मेगा क्लीनिक, एआरवी इंजेक्शन कक्ष, डिस्पेंसरी सहित अन्य सभी कक्षों को देखा। औषधि भंडार गृह का निरीक्षण कर स्टॉक पंजिका में दर्ज प्रविष्टियों को देखा।
इसके पृष्ठ प्रमाणित नहीं पाए गए। यह भी पता चला कि औषधियों की दैनिक निकासी का सत्यापन भी नहीं हो रहा है। उन्होंने इसे अत्यंत आपत्तिजनक मानते हुए सीएमओ को निर्देश दिया कि संबंधितों से स्पष्टीकरण लेने के साथ सभी ईएमओ को निर्देशित करें कि सभी सीएचसी के प्रभारी औषधियों की आवक व निकासी का दैनिक सत्यापन कराएं।