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जब करंट से मौत हो गई तो बिजली निगम जांचने लगा कनेक्शन की वैधता

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शाहजहांपुर। कलान क्षेत्र के गांव पटना देवकली स्थित प्राचीन शिव मंदिर में पुजारी के बेटे की मंगलवार को करंट से हुई मौत के मामले में विद्युत निगम मंदिर के कनेक्शन का रिकार्ड खंगालने में जुटा हैं। अभियंताओं को संदेह है कि मंदिर में कनेक्शन लिए बगैर रामायण पाठ के लिए विभाग के ट्रांसफार्मर से अवैध रूप से बिजली ली गई थी।
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बता दें कि मंगलवार सुबह मंदिर की सफाई के दौरान बिजली आपूर्ति शुरू होने पर वहां स्थापित ट्रांसफार्मर में धमाका होने के साथ मंदिर परिसर में करंट फैल गया था। इस दौरान पुजारी अखिलेश गिरि का बेटा अभिषेक और गांव का एक प्रसाद विक्रेता करंट की चपेट में आ गया। प्रसाद विक्रेता की प्राथमिक उपचार से हालत सुधर गई, लेकिन अभिषेक की बरेली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी।
बुधवार को अभिषेक के शव का पोस्टमार्टम कराए बगैर घर वालों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अभी इस मामले में मृतक के परिवार वालों ने न तो पुलिस को कोई तहरीर दी और न ही विभागीय अभियंताओं को मुआवजे के लिए कोई लिखित प्रतिवेदन दिया। इस बीच, जानकारी पाकर आंवला के सांसद प्रतिनिधि धर्मेंद्र दीक्षित ने पुजारी के परिवार से मिलकर शोक व्यक्त किया।
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हादसे के मामले में निगम अधिकारियों का कहना है कि कनेक्शन के कागजात और उन पर जमा हुए बिल की प्रतियां आदि कोई प्रपत्र मंदिर के पुजारी की ओर से उपलब्ध नहीं कराए हैं। जांच में मंदिर के बिजली कनेक्शन की पुष्टि होने पर विद्युत सुरक्षा विभाग अपने स्तर से जांच करेगा और उसमें विभाग की लापरवाही पाए जाने की दशा में ही मृतक परिवार को नियमानुसार पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जा सकेगा।
पुजारी अखिलेश गिरि का कहना है कि बेटे अभिषेक का शव खराब होने से बचाने के लिए उन्होंने पोस्टमार्टम नहीं कराया और उन्हें विभाग से मुआवजा लेने की भी कोई इच्छा नहीं है। लेकिन शिकायत करने पर भी खराब लाइन ठीक नहीं किए जाने के मामले में दोषी अवर अभियंता पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता जितेंद्र प्रसाद के कार्यकाल में मंदिर के लिए मुफ्त बिजली कनेक्शन दिलाया गया था, जिसका कोई बिल भी जमा नहीं होता है। घटना पर कुछ लोगों का कहना है कि वैधता और अवैधता की निगरानी करना तो निगम का काम है। हादसे के बाद खामियां क्यों तलाशी जा रहीं हैं।
इधर, जलालाबाद विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार के अनुसार उन्हें पता चला है कि बिजली आपूर्ति शुरू होने पर मंदिर में लगाए गए चेंज ओवर स्विच में खराबी के कारण जेनरेटर और ट्रांसफार्मर की बिजली एक साथ लाइन में पहुंचने से मंदिर में करंट फैल गया।
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