शाहजहांपुर। भाई की मौत का बदला लेने के लिए करीब 17 साल बाद दो लोगों ने बुधवार रात आठ बजे हत्यारोपी नारायण कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी। नारायण कमला नर्सिंग होम के पास खड़ा था। तभी उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। सीसीटीवी फुटेज में घटना कैद हो गई। दोनों आरोपी फरार हैं।
लोधीपुर कॉलोनी का रहने वाला नारायण कश्यप (38) चौक मंडी की मछली मार्केट में ठेके का काम करता था। वह पत्नी और बच्चे के साथ लोधीपुर स्थित अपने मकान में रहता था। बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे वह किसी काम से चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मोहम्मद जई गया था। यहां पर वह कमला नर्सिंग होम के सामने गली के मुहाने पर खड़ा था। तभी दो युवक वहां पहुंचे और तमंचे से ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में दोनों युवक बार-बार तमंचा लोड कर गोली मारते दिख रहे हैं।
नारायण पर पांच-छह गोलियां दागने के बाद युवक वहां से पैदल ही निकल गए। नारायण वहीं पर गिरकर तड़पने लगा। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची चौक कोतवाली की पुलिस ने ऑटो से घायल को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर पत्नी और मां रोते-बिलखते मेडिकल कॉलेज पहुंच गईं। शहर के बीच में गोली मारकर हत्या की सूचना पर एसपी एस. आनंद, सीओ सदर प्रवीण यादव, चौक कोतवाल हरपाल सिंह बालियान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूछताछ की।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो उसमें पूरी वारदात सामने आ गई। आरोपी युवकों की पहचान बच्चू और बब्बू के रूप में हुई है। बच्चू के भाई अंशुमान सक्सेना उर्फ अंशू की 2003 में वर्चस्व की लड़ाई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें कई अन्य लोगों समेत नारायण नामजद किया गया था। संभवता इसी का बदला लेने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। नारायण की जेब से तीन कारतूस मिले हैं। माना जा रहा है कि नारायण के पास भी हथियार था, जिसे आरोपी ले गए। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। आरोपी घर से भागे हुए हैं।
थोड़ी दूरी पर है बेरी चौकी
हत्याकांड जहां पर अंजाम दिया गया, वह जगह चौक कोतवाली की बेरी चौकी से सौ-डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर है। बताया जा रहा है कि थोड़ी देर पहले कोतवाल भी पुलिस बल के साथ वहां से पैदल गश्त करते हुए गुजरे थे। इसके बावजूद हत्याकांड को अंजाम देना हत्यारों के बेखौफ रवैये को दर्शा रहा है। ताबड़तोड़ फायरिंग की वारदात से आसपास के लोग सकते में आ गए।
जिस जगह मरा था भाई, वहीं हत्यारोपी को मारा
नारायण की छवि शूटर की थी। वह कई प्रभावशाली लोगों के साथ बतौर गनर चलता था। 2003 में वर्चस्व की लड़ाई में अंशुमान सक्सेना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अंशुमान की हत्या घर से थोड़ी दूरी पर की गई थी। बुधवार रात जहां पर नारायण की हत्या की गई है वह उसी घटनास्थल के पास है। माना जा रहा है कि भाई के हत्यारे को घर के पास देखने के बाद हत्यारोपियों ने गुस्से में आकर हत्याकांड को अंजाम दे दिया।
आरोपी बच्चू के भाई अंशुमान की 2003 में हुई हत्या के मामले में नारायण आरोपी था। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान हो गई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-एस. आनंद, पुलिस अधीक्षक