शाहजहांपुर। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश अहसान हुसैन ने हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीन दोषियों पर 70-70 हजार और एक दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दो आरोपियों की पत्रावली किशोर न्यायालय भेज दी गई है।
सरकारी वकील विनोद शुक्ल ने बताया कि दस सितंबर 2014 को तिलहर क्षेत्र के सहबेगपुर गांव निवासी जगदीश प्रसाद वर्मा के पड़ोसी संजय का गांव के गब्बर उर्फ वीरपाल, शहंशाह, ओमकार, रामपाल और दो नाबालिगों से झगड़ा हो गया था। उसके बेटे प्रदीप कुमार (22) ने दोनों पक्षों में बीच-बचाव कर दिया था। 11 सितंबर की शाम सात बजे प्रदीप कुमार पिता जगदीश के साथ गांव के कन्हई के घर से लौट रहा था। प्रदीप जब वीरपाल के घर के सामने से गुजरा तो वहां पर घात लगाए बैठे हमलावरों ने उस पर गोली चला दी। गोली लगने से प्रदीप मौके पर गिर गया, जबकि पिता जगदीश बाल-बाल बच गया।
वह अपने बेटे को लेकर जिला अस्पताल गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने जगदीश की तहरीर पर वीरपाल उर्फ गब्बर, शहंशाह, रामपाल, ओमकार और दो नाबालिगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानात व सरकारी वकील के तर्कों से सहमत होकर वीरपाल, शहंशाह, रामपाल और ओमकार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वीरपाल और शहंशाह सगे भाई हैं। नाबालिगों की पत्रावली किशोर न्यायालय भेजी गई है। वीरपाल, शहंशाह और रामपाल पर 70-70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है जबकि ओमकार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।