तिलहर तहसील में ग्राम पंचायत सरेली की महिलाएं और पुरुष कोटा चयन में धांधली के आरोप में एडीओ के खि?
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तिलहर। गांव सरेली में स्वयं सहायता समूह के कार्यों के आधार पर राशन की दुकान का चयन होने पर ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जमकर हंगामा कर दिया। कई ट्रैक्टर ट्रॉली से भरकर ग्रामीण महिलाएं और पुरुष तहसील पहुंचे यहां पर उन्होंने एडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एसडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया। तहसीलदार के आश्वासन के बाद ग्रामीण घर वापस लौट गए।
ग्राम पंचायत सरेली के कोटेदार की मौत के कारण वहां की राशन की दुकान दूसरे स्थान पर अटैच चल रही थी। दुकान के चयन को लेकर सहायक विकास अधिकारी वालेश कुमार राठौर और क्षेत्र पंचायत अधिकारी उदयवीर सिंह के द्वारा 27 अगस्त को खुली बैठक प्रस्तावित की गई। 27 अगस्त को गांव सरेली में सहायक विकास अधिकारी वालेश कुमार राठौर, ग्राम पंचायत अधिकारी उदय वीर सिंह, बीएमएम विमल, नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान मीना देवी और स्वयं सहायता समूह की कार्यकत्रियों तथा ग्रामीणों के मध्य राशन दुकान चयन को लेकर प्राथमिक विद्यालय में प्रक्रिया शुरू की गई। सहायक विकास अधिकारी वालेश कुमार राठौर ने ज्ञान स्वयं सहायता समूह और बालाजी स्वयं सहायता समूह के अभिलेखों का निरीक्षण किया।
अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान एडीओ ने ज्ञान सहायता समूह की कार्रवाई को अपूर्ण और लेखा रोकड़ को अधूरा और बालाजी स्वयं सहायता समूह के अभिलेखों को ठीक बताते हुए राशन की दुकान के चयन की घोषणा बालाजी स्वयं सहायता समूह के पक्ष में कर दी। घोषणा होते ही ज्ञान स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और तमाम लोग सहायक विकास अधिकारी वालेश कुमार राठौर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। घोषणा करने के बाद अधिकारी वापस लौट आए। इस बीच आक्रोशित ज्ञान सहायता समूह महिलाएं ग्राम प्रधान मीना देवी के नेतृत्व में तहसील पहुंचे और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
एसडीएम की अनुपस्थिति में एसडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार तृप्ति गुप्ता को दिया। प्रधान मीना देवी का आरोप है कि गांव की तमाम जनता ज्ञान सहायता समूह के साथ थी। लेकिन वीडीओ ने जनमत संग्रह को दरकिनार करते हुए मनमाने तरीके से राशन की दुकान का किसी दबाव में चयन कर दिया है जो विधि अनुकूल नहीं है। जनहित में दुकान को तत्काल निरस्त किया जाना अत्यंत आवश्यक है। सहायक विकास अधिकारी वालेश कुमार राठौर ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने विधिनुसार दुकान का चयन किया है। ज्ञान स्वयं सहायता समूह की कागजी कार्रवाई अपूर्ण थी। जबकि बालाजी स्वयं सहायता समूह के कागज ठीक पाए गए। ऐसे में जनमत के बीच वोटिंग कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।