शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के दौरान पेट में कपड़ा छूटने के आरोप के मामले में चार सदस्यीय कमेेटी ने जांच रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप दी है। शनिवार की रात प्राचार्य ने रिपोर्ट डीएम को भेज दी। डीएम की नाराजगी के बाद जांच कमेटी ने तेजी दिखाते हुए तीन दिन में जांच को पूूरा किया है।
तिलहर के रमापुर उत्तरी गांव के रहने वाले मनोज ने आरोप लगाया था कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के बाद उसकी गर्भवती पत्नी के पेट में कपड़ा छूट गया। महिला की आंत भी कट गई। दूसरे मेडिकल कालेज में ऑपरेशन कर कपड़ा निकाला गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर महिला को लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया। इस दौरान नीलम के पति मनोज ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। डीएम ने शिकायत का संज्ञान लेकर प्राचार्य राजेश कुमार को जांच कर रिपोर्ट देेने के आदेश दिए थे। सात दिन तक जांच कमेटी बनती रही और उसमें फेरबदल होता रहा। इस दौरान महिला की मौत हो गई थी। समय पर जांच पूूूरी न होने पर डीएम की नाराजगी के बाद तीन दिन के अंदर ही कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट प्राचार्य को सौप दी ।
प्राचार्य ने शनिवार की रात जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
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आरोपी डॉक्टर ने ई-मेल से भेजे बयान
राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने यह साफ नहीं किया है कि पूरी जांच में कितने लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर ने अपना बयान ई-मेल के माध्यम से भेजा है। इसमें आरोपी डॉक्टर ने महिला का ऑपरेशन करने की बात स्वीकारी है। हालांकि कपड़ा छूटने के आरोप को निराधार बताया है। ऑपरेशन के दौरान जूनियर डॉक्टर समेत स्टाफ के भी बयान दर्ज किए गए हैं। महिला सीएमएस रहीं डॉ. अनीता धसमाना और प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना मिश्रा के बयान भी अहम माने जा रहे हैं।
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कमेटी ने जांच पूरी कर ली है। रिपोर्ट भी मिल गई है। शनिवार की रात रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। रिपोर्ट में क्या है, इस पर कुछ नहीं बता सकता।
-डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज