शाहजहांपुर। कलान में नगर पंचायत बनने के बाद रफियाबाद ग्राम पंचायत के ग्राम निधि खाते से 15.77 लाख रुपये से अधिक धनराशि का गबन कर उसे डोंगल के जरिए अन्य लोगों के बैंक खातों में भेजने के मामले में जिला पंचायतराज अधिकारी पवन कुमार की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर कलान पुलिस ने आरंभिक विवेचना के बाद शुक्रवार को आरोपी अतिरिक्त जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एडीपीएम) देवी लाल मौर्य और वहां के कंप्यूटर ऑपरेटर केशरी नंदन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भिजवा दिया।
इस मामले में भारत परिषद के अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह की ओर से मुख्यमंत्री से की गई शिकायत का संज्ञान लेते हुए पंचायतीराज निदेशक ने देवीपाटन मंडल के उप निदेशक आरएस चौधरी को जांच अधिकारी नामित किया था। पिछले दिनों उप निदेशक चौधरी ने कलान ब्लॉक कार्यालय जाकर करीब चार घंटे तक संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की। उन्होंने शिकायत पाई और योजनाबद्ध तरीके से ग्राम निधि खाते से लाखों की धनराशि गबन कर ली गई। बाद में निदेशक के आदेश पर डीपीआरओ ने कलान थाने में ब्लॉक प्रमुख रुचि वर्मा समेत दस आरोपियों के खिलाफ डोंगल का गलत तरीके से इस्तेमाल कर सरकारी धन का गबन करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एफआईआर में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया, उनमें ब्लॉक प्रमुख समेत एडीपीएम देवी लाल मौर्य, कंप्यूटर ऑपरेटर केशरी नंदन, लेखाकार दीपक कुमार, राहुल वर्मा आदि शामिल हैं। मामले में ब्लॉक प्रमुख रुचि वर्मा अपना पक्ष रख चुकी हैं कि अधिकारियों से कई बार कहे जाने के बावजूद उन्हें अभी तक डोंगल एक्टिवेट करके दिया ही नहीं गया। मामले की आरंभिक विवेचना में कलान के एडीपीएम और कंप्यूटर ऑपरेटर को दोषी पाए जाने पर बीते दिन जिला मुख्यालय पर सदर पुलिस ने दोनो से पूछताछ की और बाद में उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए कलान पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
विवेचना में पुलिस उन सभी कारोबारियों को भी शामिल कर रही है, जिनके खातों में गलत तरीके से धनराशि स्थानांतरित किए जाने के बावजूद संबंधितों ने किसी भी स्तर पर कोई शिकायत नहीं की। कलान के थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के बाद अब अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनका कहना है कि बहुत जल्द इस मामले में कुछ अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जाएंगे।