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1200 टन डीएपी निजी क्षेत्र के 94 थोक बिक्री केंद्रों पर पहुंची

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शाहजहांपुर। रबी फसलों के लिए प्रमुख फास्फेटिक उर्वरक डीएपी को लेकर खुले बाजार से लेकर सहकारी समितियों के गोदामों तक किसानों में मची आपाधापी रोकने के लिए कृषि विभाग ने बुधवार को कई अहम फैसले लिए। निजी क्षेत्र में वितरण के लिए प्राप्त 1200 टन डीएपी जनपद की विभिन्न तहसीलों के सभी 94 थोक उर्वरक प्रतिष्ठानों को उपलब्ध कराने के साथ उसका वितरण कराने के लिए वहां कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक ग्रुप सी, बीटीएम (ब्लॉक टेक्रालॉजी मैनेजर) और एटीएम (असिस्टेंट टेक्रालॉजी मैनेजर) आदि संवर्गों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। यही नहीं, किसानों की सुविधा के लिए विकास भवन स्थित कृषि कार्यालय में कंट्रोल रूम भी खोल दिया गया है।
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बता दें कि जनपद में रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं समेत अन्य तिलहनी और दलहनी फसलों की बुआई नवंबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होती है। गत वर्ष निजी क्षेत्र के कुछ थोक उर्वरक प्रतिष्ठानों पर नकली डीएपी पकड़े जाने के मद्देनजर इस वर्ष बीते अक्तूबर माह में खुले बाजार में किसी भी प्रतिष्ठान को डीएपी उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया गया। इसीलिए इफको की डीएपी का जो स्टॉक वितरण के लिए सहकारी समितियों को भेजा गया, उसे पाने की होड़ में किसानों के बीच मारामारी जैसे हालात बनने लगे। इन स्थितियों में सुधार के लिए सभी गैर सरकारी थोक बिक्री केंद्रों को डीएपी उपलब्ध कराई गई, जिसका बृहस्पतिवार से वितरण होना है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक के अनुसार इफको की 3600 टन डीएपी रोजा के रेलवे रैक प्वॉइंट पर पहुंच चुकी है और उसे बृहस्पतिवार तक समितियों के गोदामों पर पहुंचाने के लिए 80 ट्रक लगा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एनपीके फास्फेटिक उर्वरक जिले के सहकारी और निजी क्षेत्र में पहले से पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। निजी क्षेत्र के लिए 2600 टन डीएपी की रेलवे रैक गुजरात से चल चुकी है जो 14 नवंबर को यहां पहुंचने पर उसका भी तत्काल वितरण कराया जाएगा। कृषि अधिकारी के अनुसार उचित दर पर डीएपी प्राप्त होने अथवा उसके साथ किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग किए जाने पर किसान अपनी शिकायत सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक विभागीय कंट्रोल रूम के टेलीफोन नंबर 8429400522 और 8429400585 पर नोट करा सकते हैं।
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महंगी होने के बावजूद डीएपी को लेकर मारामारी
शाहजहांपुर। कोलाघाट पुल बड़े वाहनों के यातायात को बंद होने से मिर्जापुर क्षेत्र में डीएपी के दाम 50 रुपये प्रति बैग बढ़ गए हैं। इसके बावजूद किसानों में मारामारी कम नहीं हो रही है। बुधवार को किसानों की भीड़ के सामने बेबस हुए सहकारी समिति पृथ्वीपुर-ढाई के सचिव अभय सिंह को पुलिस की मौजूदगी में 50 रुपये प्रति कट्टा बढ़ाकर डीएपी की बिक्री करनी पड़ी। इसके बावजूद सभी को डीएपी नहीं मिलने और पुलिस के बार बार हस्तक्षेप करने के कारण सचिव को खाद बिक्री का कार्य रोकना पड़ गया।
इस्माइलपुर स्थित साधन सहकारी समिति पृथ्वीपुर-ढाई में सचिव ने डीएपी खाद की बिक्री आधार कार्ड के आधार पर शुरू की। देखते ही देखते समिति पर सैकड़ों किसान डीएपी खरीदने को उमड़ पड़े। किसानों के धक्का-मुक्की और गाली गलौज करने पर सचिव गोदाम बंद कर थाने जा पहुंचे। बाद में वहां से एसआई विपिन कुमार शर्मा दो कांस्टेबिल के साथ समिति पर खाद वितरण कराने पहुंचे। सचिव ने डीएपी के निर्धारित दर रुपया 1200 प्रति कट्टा बिक्री की जगह 1250 रुपये में बेचनी शुरू कर दी। सचिव का कहना है कि कोलाघाट पुल बंद होने से खाद के ट्रक 70 किमी अतिरिक्त दूरी तय कर आ रहे हैं और इसीलिए किसानों की सहमति से डीएपी के दाम बढ़ाए गए। इसी क्षेत्र की साधन सहकारी समिति मिर्जापुर, जरीनपुर, बानगांव, दहेलिया, अतरी निजामपुर, इक़रीखेड़ा समितियों में भी डीएपी का अभाव बना हुआ है।
थोक बिक्री केंद्रों पर डीएपी वितरण को तैनात किए गए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक संबंधित प्रतिष्ठान पर मौजूद रहें और अधिक दर पर डीएपी बैग दिए जाने अथवा टैगिंग की कोई शिकायत मिलने पर संबंधित किसान के बयान लेकर तत्काल लिखित तौर पर सूचित करें। जिले में डीपएपी मांग के अनुसार मिल रही है। इसलिए किसान किसी अफवाह में नहीं पड़ें और कोई असुविधा होने पर मुझसे सीयूजी नंबर 7839882623 पर संपर्क कर सकते हैं।
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-डॉ. सतीश चंद्र पाठक, जिला कृषि अधिकारी
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