मुरादाबाद मंडल के रोजा जंक्शन से बुधवार को पहली किसान रेल पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के बिहारा स्टेशन के लिए रवाना हुई। इसमें 284 टन आलू का लदान किया गया। इससे रेलवे को भाड़े के रूप में 639629 रुपये प्राप्त हुए हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों व छोटे व्यापारियों को फल व सब्जी को पूरे भारत में कहीं भी भेजने पर माल भाड़े में 50 प्रतिशत की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। यह सब्सिडी किसानों व छोटे व्यापारियों के प्रोत्साहन के लिए लायी गयी है। जिसका प्रयोग कर कम कीमत में किसान अपनी उपज को देश के विभिन्न हिस्सों में भेज कर उचित मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि मुरादाबाद मंडल की विजनेस डेवलपमेंट यूनिट को एक और सफलता प्राप्त हुई है। रेलवे ने मंडल ही नहीं, बल्कि उत्तर रेलवे की प्रथम किसान रेल का लदान करवाने में सफलता पाई है। कहा कि रेल मंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना से न केवल अन्नदाता को अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त हो रहा है, बल्कि रेलवे को अपने पुराने कोच का उपयोग कर कमाई का एक नया जरिया प्राप्त हुआ है।
लदान के लिए पुराने सेकंड क्लास कोच का उपयोग
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि रेलवे द्वारा इस लदान के लिए पुराने सेकंड क्लास कोच का उपयोग किया गया है, जो कि नए एलएचबी कोच की ट्रेन चलने के कारण चलन से बाहर हो गए हैं। रेलवे बोर्ड द्वारा इन पुराने कोच को पार्सल लदान के उपयोग की अनुमति देकर एक नया प्रयोग किया गया है।