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उफनाने लगीं नदियां, कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

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शाहजहांपुर के हनुमत धाम स्थित खन्नौत नदी का जलस्तर बढ़ा, मकानों के नजदीक पहुंचा पानी। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के कारण जिले से होकर बहने वाली गंगा, रामगंगा, गर्रा ओर खन्नौत नदियां उफनाने लगी हैं। उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के बांधो-बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ मद्देनजर प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी एस आनंद ने बुधवार को बाढ़ संभावित इलाकों का जायजा लिया। नदी किनारे बसे लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया है।
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रामगंगा और शहर से सटकर बहने वाली गर्रा व खनौत नदियों का जलस्तर बीते दिन की तुलना में बुधवार को एक से तीन मीटर तक बढ़ गया है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार नरौरा से गंगा में अतिरिक्त पानी की निकासी 60 हजार क्यूसेक से बढ़कर 99,519 क्यूसेक हो गई है। मंगलवार को नरौरा से निकले 31,988 क्यूसेक पानी के बहाव से कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर दो सेमी बढ़ गया है। बदायूं के कछला घाट पर गंगा का जलस्तर 89 सेमी बढ़ा है। इसलिए मिर्जापुर के ढाईघाट और कलान के भैंसार बांध तक गंगा का जलस्तर बढ़ने के पूरे आसार हैं।
बाढ़ की आशंका के मद्देनजर डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी एस आनंद ने गर्रा नदी का जायजा लिया। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। लोग सुरक्षित और ऊंचें स्थानों पर जाएं। उन्होंने कहा कि गर्रा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गर्रा नदी में बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे तक बाढ़ का पानी आ जाएगा। इशहर के कुछ इलाकों में पानी घुसने की संभावना है। तहसील तिलहर व सदर के कुछ गांवों में पानी घुस सकता है। डीएम ने अपील की है कि जो लोग नदी के निचले इलाकों में रहते हैं, वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं ताकि जनहानि और कठिनाई का सामना न करना पड़े।
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डीएम ने बताया है कि जरूरत पड़ने पर बचाव एवं राहत कार्य में एनडीआरएफ टीम की मदद ली जाएगी।
सिचाईं विभाग के अनुसार खो, हरेली, किच्छा, रामनगर और कालागढ़ बांध से पानी की निकासी 27 हजार क्यूसेक से बढ़कर 2.38 लाख क्यूसेक हो जाने से रामगंगा के जलस्तर में 1.05 मीटर की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि रामगंगा की क्षमता तीन लाख क्यूसेक जल वहन करने की है, इसलिए परौर क्षेत्र में तटवर्ती गांवों के आबादी क्षेत्र फिलहाल बाढ़ से सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने बताया कि ड्यूनी डैम से 56 हजार क्यूसेक पानी निकलने से पिछले 24 घंटे के दौरान गर्रा के जलस्तर में 3.35 मीटर की रिकार्ड वृद्धि हुई है। गर्रा की सहायक खन्नौत नदी मंगलवार दिन की तुलना में 1.65 मीटर बढ़ गई है और इसी वजह से गर्रा में भी उफान आ रहा है।
बची-खुची फसलें भी हो जाएंगी नष्ट
परौर। रामगंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण ग्राम परौर, नरायण नगला, मोहनपुर, बिचपुरी आदि गांवों के तटवर्ती खेतों में पहले आई बाढ़ और उसके बाद भारी वर्षा के कारण नष्ट होने से जो फसलें बाकी बचीं वो अब नष्ठ हो जाएंगी। इन गांवों के कई किसानों की धान और बाजरा की फसल रामगंगा की बाढ़ में डूब गई है।
जैतीपुर। क्षेत्र में रामगंगा के तटवर्ती गांव केसीनगला के वाशिंदों पर एक बार फिर से बाढ़ की मार पड़ने लगी है। भारी वर्षा के कारण तराई क्षेत्र के केसीनगला समेत कई गांवों के खेतों में पानी पहले से भरा हुआ है। अब रामगंगा में उफान से खेतों के लंबे समय तक डूबे रहने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि इन हालातों में उन्हें रबी सीजन में गेहूं, आलू आदि फसलें लेनी कठिन हो जाएंगी। संवाद
पुलिस ने की मुनादी
बाढ़ की आशंका के मद्देनजर एसपी एस आनंद के निर्देश पर सीओ और थाना प्रभारियों ने टीमों का गठन किया है। ये टीमें बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में जाकर मुनादी कराकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। खासतौर पर सदर और तिलहर तहसील के नदियों के पास पड़ने वाले गांवों में जाकर पुलिस लोगों को ऊंचे स्थानों की ओर जाने के लिए जागरूक कर रही है। उन्हें हेल्पलाइन नंबर और त्वरित सहायता के बारे में बताया जा रहा है।
प्रशासन ने जारी किए नंबर
बाढ़ आपदा से बचाव और सूचना देने के लिए प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष बनाया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने अपील की है कि बाढ़ से संबंधित किसी भी सूचना के आदान-प्रदान के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। - 9140937438, 05842-220017, 05842-220018, 05842-220019
नदियों के आसपास बसे लोग ऊंचें स्थानों पर चले जाएं। अपने पशुओं को भी ऊंचे स्थानों पर ले जाएं। नदी के पास न जाएं। पानी का फैलाव होने वाला है। रामगंगा और गंगा से खेतों में पानी जाने की संभावना है। सभी लोग सतर्क रहें। - इंद्र विक्रम सिंह, डीएम
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