शाहजहांपुर। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश अहसान हुसैन ने रंजिश में की गई नाबालिग की हत्या के मुकदमे में दोषी बालिस्टर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा से भी दंडित किया है।
सरकारी वकील विनोद कुमार शुक्ल एवं नीलिमा सक्सेना के मुताबिक 15 फरवरी, 2018 की सुबह करीब सात बजे थाना सिंधौली क्षेत्र के गांव भटपुरा रसूलपुर निवासी वादी सरविंदर सिंह का बेटा विकास सिंह (15) घर से गन्ना छीलने के लिए बटाईदार बालिस्टर सिंह के साथ खेत पर गया था। शाम तक जब विकास वापस नहीं आया तो सरविंदर ने उसकी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। तब उसने बालिस्टर से पूछताछ की।
बालिस्टर ने बताया कि उसने विकास को काटकर गन्ने के खेत में छुपा दिया है। इसके बाद सरविंदर और उसके भाई अमर सिंह ने खेत में तलाश शुरू की। खेत में उसका बेटा लहूलुहान अवस्था में मिला। उसे लेकर वे लोग जिला अस्पताल गए, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया। सरविंदर ने बताया कि रंजिश में उसके बेटे की हत्या की गई है।
वादी की तहरीर पर पुलिस ने बालिस्टर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान सात गवाहों के बयान और सरकारी वकीलों के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने बालिस्टर को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।