पिछले तीन दिन से मकान का कमरा बंद था। पिता बनारसी चूरन बेचने का काम करते हैं। वह चार दिन से बाहर गए हुए थे। घर में पत्नी संतो, बेटी प्रीति, शीतल, अंजलि (18), सुजाता (15), कामनी (14) बेटा संजय (12), आकाश (8) और प्रकाश (सात) थे।
बेहोशी की अवस्था में मिले बच्चे
मोहल्ले वालों की सूचना पर पुलिस ने मकान के अंदर प्रवेश किया तो संतो और शीतल लेटी हुईं थीं। जय मां दुर्गा, जय बालाजी कह रहीं थीं। वहीं बच्चे भी बेहोशी की अवस्था में थे। उन्हें एंबुलेंस से पहले सीएचसी फिर राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर के मुताबिक सभी ने पिछले दो-तीन दिन से कुछ खाया-पिया नहीं है। मारपीट के भी निशान हैं। सभी का इलाज किया जा रहा है। एसपी ग्रामीण संजीव कुमार वाजपेयी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।