आमी महोत्सव में संगीत की धुन पर झूमे लोग
महोत्सव की पहली रात बही संगीत की बयार
संवाद न्यूज एजेंसी
बेलहर। आमी नदी के तट पर पड़रिया-देवपुर में शुरू हुए दो दिवसीय आमी महोत्सव की पहली रात संगीत और नाटक के हवाले रही। महोत्सव की शुरुआत मुख्य अतिथि पूर्व मैनेजर स्टेट बैंक रायबरेली तालेश्वर सिंह ने महात्मा बुद्ध व कबीर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सोना देवी, बिकाऊ बौद्ध व भोजपुरी गायक अमन कुमार ने हिंदी व भोजपुरी गीत व भजन सुनाकर लोगों को मुग्ध कर दिया। देर रात तक लोग संगीत पर झूमते नजर आए। गाने का बोल बौद्ध धर्म अपनाए बलम, बौद्ध धर्म अपना रहूंगी तब बालम घर में, कलाकारों का मनोबल बढ़ाने के लिए लोगों ने खूब तालियां बजाईं। इसके साथ ही दहेज प्रथा आदि पर नाटक का मंचन हुआ। तालेश्वर सिंह ने कहा कि आमी पूर्वांचल की गंगा है। यहीं से महात्मा बुद्ध व कबीर ने मानवता का संदेश दिया था। इसे सहेजने की जरूरत है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आमी को गोमती की तरह कचरामुक्त कराते हुए राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए। महोत्सव के आयोजक रामनारायन यादव ने कहा कि सात वर्ष पहले इस महोत्सव की शुरुआत आमी नदी को कचरामुक्त कराने तथा महात्मा बुद्ध कबीर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। नदी को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किए जाने तक यह अभियान चलता रहेगा। इस दौरान घनश्याम, कुंवरजीत सिंह, बुद्धिराम, आकाश यादव, बाबूलाल, मोहित कुमार बौद्ध, बांकेलाल बौद्ध, डॉक्टर बीपी भारती, बिकाऊ, आरती गौतम, जयराम गौतम, प्रभा यादव, मालती, प्रधान जोखन प्रसाद चौधरी, कमलेश यादव आदि मौजूद रहे।