जीएसटी के विरोध में भट्ठा मालिकों ने प्रदर्शन किया
वित्त मंत्री से जीएसटी दर में हुई वृद्धि वापस लेने की मांग
वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ईंट भट्ठों पर जीएसटी की दर में वृद्धि होने के विरोध में सोमवार को जिर्ला इंट निर्माता समिति के लोगों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान वित्त मंत्री को संबोधित मांगपत्र एसडीएम को सौंपा। भट्ठा मालिकों ने जीएसटी की दरें वापस लेने की मांग की।
जिला ईंट निर्माता समिति के जिलाध्यक्ष रवि उदय पाल ने कहा कि दो वर्षों से कोरोना महामारी के कारण जहां एक ओर्र इंट व्यवसाय पूरी तरह से चौपट और घाटे में है। वहीं, दूसरी ओर जनसाधारण का भी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ऐसी दशा में जन साधारण के निर्माण की मूलभूत आवश्यकता में ईंट पर कर दर बढ़ाने का प्रस्ताव जनविरोधी है। ईंट निर्माताओं के लिए जीएसटी में वर्तमान में 150 करोड़ टर्न ओवर तक कंपोजीशन सीमा है। इसमें एक प्रतिशत की कर दर है। काउंसिल की 45वीं बैठक में बिना आईटीसी कर दर छह प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है तथा सामान्य रूप से ईंटों पर कर दर पांच प्रतिशत है। जिसे 12 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है। ये दोनों वृद्धि दर प्रस्ताव निश्चय ही उद्योग व जनहित के विरुद्घ है। इसका सीधा प्रभाव ईंटों की कीमतों पर पड़ेगा। उन्होंने जनहित में ईंटों पर कर दर में वृद्धि प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए दो सीजन वर्ष के लिए ईंट बिक्री को जीएसटी में कर मुक्त घोषित करने की मांग की। इस दौरान दिनेश कुमार सिंह, हाजी इकबाल अहमद, सुभाष जैन, अमरेश सिंह, दिनेश सिंह, अनूप जैन, सुधीर जैन, कमल सालवानी, सुशील सालवानी, अलाउद्दीन खां, रामू चौधरी, शैलेंद्र चौधरी, अष्टभुजा पांडेय, कौशल चौधरी, गुलाम हुसैन, सुग्रीव प्रजापति, वहीद अहमद आदि मौजूद रहे।